नई दिल्ली: भारत की हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने स्वदेशी लड़ाकू तेजस विमानों के लिए F404 इंजन सप्लाई में देरी के लिए अमेरिकी कंपनी GE एयरोस्पेस पर जुर्माना ठोका है। इसके अलावा, अमेरिकी कंपनी के साथ ज्यादा एडवांस पावर प्लांट के लिए तकनीकी ट्रांसफर को लेकर भी बातचीत की जा रही है।
इंजन की डिलिवरी में चूकने पर जुर्माना
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के अधिकारियों ने बताया है कि LCA MK1A तेजस के लिए इंजनों की समय पर डिलीवरी में चूकने के चलते अमेरिकी कंपनी पर क्षतिपूर्ति का दावा ठोका है। HAL ने कहा है कि यह जुर्माना देरी होने वाले हर इंजन के हिसाब से लगाया गया है। हालांकि, ये जुर्माना कितना लगाया गया है, इस बारे में खुलासा नहीं किया गया है।
99 इंजनों के दिए थे ऑर्डर, अब तक 6 ही मिले
- HAL ने 99 इंजनों का ऑर्डर दिए थे, जिसकी सप्लाई 2024 से होनी थी। हालांकि, सप्लाई-चेन में गड़बड़ी होने की वजह से GE इन इंजनों की समय पर डिलीवरी नहीं कर पाई।
- अमेरिकी कंपनी अभी तक महज 6 इंजनों की ही आपूर्ति कर पाई।
- 700 मिलियन डॉलर की कीमत का यह ऑर्डर अमेरिकी कंपनी को दिया गया था।
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2025 में 113 और इंजनों के लिए हुआ करार
2025 में ही LCA MK1A दूसरे बैच के लिए 113 F404 इंजनों की खरीद के लिए 1 बिलियन डॉलर का करार किया गया था
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साल के आखिर में 20 और इंजनों का है वादा
अधिकारियों का कहना है कि अमेरिकी कंपनी ने साल के आखिर तक 20 और इंजन देने का वादा किया है, क्योंकि इंजनों के बनाने में अब तेजी आई है। हालांकि, कंपनी ये वादा पूरा कर पाएगी या नहीं, अभी भी संशय बना हुआ है।