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अरुण जेटली एवं बाबूलाल गौर को श्रद्धासुमन अर्पित

ग्वालियर 27 अगस्त। शरीर नश्वर है, आत्मा अमर है, स्व. जेटली  ने एक सामान्य जीवन शैली विद्यार्थी के रूप में अपने राजनैतिक जीवन की शुरूआत की। जेटली जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता के रूप में देश हित में अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए। उन निर्णयों के सुखद परिणाम देश को मिलेे, इन परिणामों के पीछे स्व. जेटली जी की मेहनत थी। जेटली जी ने एक ही ध्येय लेकर कार्य किया, तेरा वैभव अमर रहे मां, हम बिन चार रहे न रहे। आज हम सब कार्यकर्ताओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर कार्य करने की जरूरत है। यह बात भारतीय जनता पार्टी के संभागीय संगठन मंत्री  शैलेंद्र बरूआ ने मंगलवार को पार्टी के ग्वालियर  जिला कार्यालय मुखर्जी भवन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. अरुण जेटली एवं पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बाबूलाल गौर को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कही।

श्री बरूआ  ने स्व. गौर साहब का स्मरण करते हुए कहा कि बाबूलाल गौर जी ने मजदूर से मुख्यमंत्री पद तक का सफर तय किया। यह सफर आसान नहीं था, लेकिन वह मुश्किलों से कभी नहीं घबराये। आपातकाल के दौरान वह जेल में थे, लेकिन अपने आस-पास के माहौल को सदैव सरल बनाए रखते थे। जनता का सेवक कैसा होता है और अपने निर्वाचन क्षेत्र की सेवा कैसे की जाती है, यदि यह सीखना है, तो बाबूलाल गौर जी के जीवन से सीखना चाहिए। निरंतर काम ही उनके जीवन का सिद्धांत था।

जिलाध्यक्ष देवेश शर्मा ने स्व. जेटली  एवं स्व. गौर  को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि  अरूण जेटली  प्रखर चिंतक और संगठन क्षमता के धनी थे। वे एक करिश्माई व्यक्तित्व के नेता थे। आदरणीय बाबूलाल गौर  का जीवन संघर्षों से भरा रहा। उन्होंने कहा कि कैसे विपरीत परिस्थितियों में काम किया जाए, यह बाबूलाल गौर  से सीखा जा सकता है। उन्होंने आदरणीय जेटली  और बाबूलाल गौर के निधन को पार्टी की बड़ी क्षति बताया।

वरिष्ठ भाजपा नेता  वेदप्रकाश शर्मा ने कहा कि आज हम एक साथ दो दो विभूतियों को श्रद्धांजलि देने एकत्रित हुए हैं। दोनों का परिवेश अलग था, लेकिन दोनों का ध्येय और मंजिल एक ही थी, क्योंकि दोनों का निर्माण संघ समर्पण नींव पर निर्माण हुआ था, इसलिए उनका लक्ष्य था कि भारतीय जनता पार्टी परम वैभव पर पहुंचे उसको लेकर चल रहे थे। दोनों विपक्ष को निरत्तर कर देते थे, एक तर्क के तीर चलाकर और एक हास्य की फुलझाडियां चलाकर। एक कर्मयोगी थे, एक ज्ञान योगी थे। भक्ति दोनों मं संयुक्त थी।

पूर्व जीडीए अध्यक्ष अभय चैधरी, पूर्व साडा अध्यक्ष जयसिंह कुशवाह, पूर्व साडा अध्यक्ष राकेश जादौन ने भी स्व. जेटली एवं स्व. गौर  को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

इस अवसर पर राजेश सोलंकी, महामंत्रीगण कमल माखीजानी, शरद गौतम, महेश उमरैया, राकेश गुप्ता, अशोक जादौन, रामेश्वर भदौरिया, रेखा धोलाखंडी, मंत्रीगण दीपक शर्मा, सोनू मंगल, कोषाध्यक्ष प्रमोद खंडेलवाल, विनोद शर्मा, आशीष अग्रवाल, संभागीय मीडिया प्रभारी पवनकुमार सेन, रमेश सेन, दारासिंह सेंगर, रामनिवास तोमर, अभिनंदन त्यागी, मनीष दीक्षित, मनीष राजौरिया, पारस जैन, जितेंद्र गुर्जर, विहवल सेंगर, फैजल अली काजमी, विनती शर्मा, खुशबू गुप्ता, धर्मेंद्र आर्य, रेशु राजावत, प्रीती थोराठ, गिरिजा गर्ग जाटव, पदमा शर्मा, सुधा कुशवाह, रामसिंह तोमर, गौरव कुशवाह, गब्बर जाटव, भगवान कुशवाह सहित सैकडों कार्यकर्ता मौजूद थे।

 

 

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