ग्वालियर 16 जुलाई। कांग्रेस के मंत्री द्वारा अखबार में दी गई खबर से मालूम हुआ कि ग्वालियर के नए पुल ओआरबी ब्रिज स्मार्ट सिटी के उद्घाटन के संबंध में ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा महल में बैठक बुलाई गई थी, जबकि उनको बैठक लेने का अधिकार नहीं था। ना तो वह एडवाइजरी कमेटी में है, ना वो पार्षद है, ना सरपंच है, और जनता ने उनको नकार दिया है अब वह सांसद भी नहीं है। कांग्रेस के मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर अपने महाराज को खुश करने के लिए इस तरह की नौटंकी करते रहते हैं। उक्त बात मंगलवार को जिलाध्यक्ष देवेश शर्मा ने होटल लैंडमार्क में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही।
श्री शर्मा ने कहा कि उद्घाटन तो पहले भी हुआ करते थे, जब केंद्र में स्व. माधवराव सिंधिया मंत्री थे और मध्य प्रदेश में सुंदरलाल पटवा मुख्यमंत्री थे दोनों आए और उद्घाटन हुए, लेकिन आज कांग्रेस पार्टी के लोग झूठा श्रेय लेने के लिए इस तरह के कार्य कर रहे हैं, जबकि कमलनाथ की कांग्रेस सरकार है। सोचना चाहिए मध्य प्रदेश का विकास कैसे हो? विकास के बारे में सोचना तो दूर की बात है इसके उलट मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की जन कल्याण, जन हितैषी योजनाओं को ठंडे बस्ते में डाल दिया, चाहे मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन हो, चाहे लाडली लक्ष्मी हो, चाहे संबल योजना हो, आयुष्मान योजना को अब तक मप्र लागू नहीं किया गया, यहां तक कि दीनदयाल रसोई भी बंद कर दी गई जिससे गरीब पेट भर भोजन किया करते थे।
श्री शर्मा ने कहा कि शिवराज सरकार की जनता को लाभान्वित करने वाली सारी योजनाओं को बंद कर दिया गया उन पर कांग्रेस सरकार का कोई ध्यान नहीं है। मैं आप सब के माध्यम से कांग्रेस के लोगों से कहना चाहता हूं यदि पुल का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर एवं ग्वालियर के सांसद विवेक शेजवलकर की अनुपस्थिति में किया गया तो भारतीय जनता पार्टी चुप नहीं रहेगी भारतीय जनता पार्टी इसका पुरजोर विरोध करेगी।
प्रेसवार्ता में जिला महामंत्रीगण कमल माखीजानी, शरद गौतम, अशोक जादौन, राकेश जादौन, सभापति राकेश माहौर उपस्थित थे।