एक तरफ जहां एमपी में पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी करने पर जहां जनता पर मंहगाई की मार पड़ी है वही अब भाजपा सड़कों पर आ गईं है उधर पेट्रोल पंप एसोसिएशन में सरकार के प्रति आक्रोश व्याप्त हो गया है। नाराज पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने इसको लेकर अब बड़ा निर्णय लिया है। एसोसिएशन ने फैसला किया है वह पेट्रोल पंपों पर तालाबंदी कर अन्य व्यवसाय में शिफ्ट होंगे। उन्होंने सरकार को अपना फैसला बदलने की मांग की है।
एसोसिएशन का आरोप है कि सरकार का यह निर्णय बुद्धिहीन है । इस निर्णय से सरकार को भले ही फायदा होगा लेकिन व्यवसायियों को नुकसान होना है। सरकार को 255 करोड रुपए प्रतिमाह मिलने के बजाय ढाई सौ करोड़ पर प्रतिमाह का घाटा होगा क्योंकि व्यवसाय पड़ोसी जिलों में शिफ्ट हो जाएगा। मध्य प्रदेश के 75000 पेट्रोल पंप कर्मचारियों पर इसका विपरीत असर पड़ेगा।उनकी नौकरियां चली जाएगी , जिसकी जिम्मेदार सरकार होगी।
सबसे मंहगा एमपी में
पेट्रोल-डीजल में 5% वैट बढ़ोतरी के बाद शनिवार को मध्यप्रदेश में इनके दाम बाकी राज्यों के औसत दाम से भी ज्यादा हो गए हैं।अभी डीजल के सर्वाधिक औसत दाम तेलांगाना में 72.52 रु. हैं जबकि मध्यप्रदेश में यह 72.89 रु. है।इसी तरह अब तक पेट्रोल के अधिकतम औसतन दाम महाराष्ट्र में 79.33 रुपए थे, लेकिन अब मध्यप्रदेश में शनिवार को पेट्रोल के औसत दाम 81.60 रु. प्रति लीटर तक रहे। जिसके चलते लोगों में आक्रोश बढ रहा है।
बता दे कि कमलनाथ सरकार ने पेट्रोल, डीजल और शराब पर वैट (वेल्यू एडेड टैक्स) में पांच-पांच फीसदी का इजाफा किया है।