ग्वालियर/ गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय के कमलाराजा अस्पताल के बाल एवं शिशु रोग विभाग द्वारा 1 से 7 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान विभाग द्वारा महिलाओं और आमजन को स्तनपान के महत्व के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. अजय गौड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश में 80 से 90 प्रतिशत प्रसव संस्थागत हो रहे हैं, लेकिन मात्र 41 प्रतिशत शिशुओं को ही जन्म के बाद छह माह तक पूर्ण स्तनपान कराया जाता है। यह आंकड़ा बेहद चिंताजनक है और इसी स्थिति में सुधार लाने के लिए प्रतिवर्ष अगस्त के पहले सप्ताह को ‘स्तनपान सप्ताह के रूप में मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि मां का दूध शिशु के लिए अमृत समान है, जो उसे न केवल पोषण देता है, बल्कि कई बीमारियों से भी बचाता है।
ग्वालियर अकादमी के अध्यक्ष प्रो. डॉ. घनश्याम दास ने बताया कि शिशु के पहले छह महीनों तक केवल स्तनपान ही पर्याप्त होता है और इस अवधि में कोई भी ऊपरी आहार नहीं दिया जाना चाहिए। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्रो.डॉ.सुनीता प्रसाद, प्रो.डॉ.वायएस वर्मा, प्रो.डॉ.नीतू शर्मा, डॉ.सात्विक बंसल, डॉ.एसएस राजपूत और डॉ.अवधेश वर्मा उपस्थित थे l यह कार्यक्रम बाल एवं शिशु रोग विभाग के साथ ग्वालियर एकेडमिक ऑफ पीडियाट्रिक्स के सहयोग से किया जा रहा है।

सप्ताहभर होंगे ये कार्यक्रम
स्तनपान सप्ताह के अंतर्गत होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए मध्यप्रदेश अकादमी के संयुक्त सचिव प्रो. डॉ. रवि अम्बे ने बताया कि 1 अगस्त को वार्डों में माताओं को 6 माह तक स्तनपान कराने के लिए जागरूक किया गया।
2 अगस्त को कठिन परिस्थितियों में स्तनपान कैसे कराएं विषय पर सत्र आयोजित होगा।
3 अगस्त को पोस्टर मेकिंग व स्लोगन राइटिंग प्रतियोगिता होगी, जिसमें यूजी, पीजी, इंटर्न और नर्सिंग छात्र भाग लेंगे।
4 अगस्त को ओपीडी में आने वाले मरीजों को पंपलेट वितरित कर स्तनपान का महत्व बताया जाएगा।
5 अगस्त को कटोराताल से जीआरएमसी तक जागरूकता रैली और साइक्लोथॉन का आयोजन होगा।
6 अगस्त को यूजी-पीजी के लिए क्विज प्रतियोगिता होगी
7 अगस्त को सप्ताह का समापन सीएमई से होगा।