अमरीका के वरिष्ठ कोरोना विशेषज्ञ और व्हाइट हाउस कोरोना वायरस टास्क फ़ोर्स के सदस्य डॉक्टर एंथनी फ़ाउची ने कहा है कि कोरोना वैक्सीन संक्रमित होने के ख़तरे को सिर्फ़ पचास या साठ फ़ीसदी तक ही रोक सकती है इसका मतलब यह हुआ कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के उपायों की ज़रूरत तब भी बनी रहेगी.
अगर महामारी को नियंत्रित करना है तो यह ज़रूरी होगा.
उन्होंने कहा, ‘हमें अबी यह नहीं पता है कि यह कितना प्रभावी होगा.’
अमरीका कोरोना वायरस से सबसे बुरी तरह प्रभावित देश है. अमरीका में संक्रमण के मामले 49 लाख से अधिक हैं. वहीं मरने वालों की संख्या भी एक लाख 60 हज़ार से अधिक.
इससे एक दिन पहले फ़ाउची ने कहा था कि उन्हें धमकी दी जा रही है और उनकी बेटियों को परेशान किया जा रहा है, क्योंकि उन्होंने अमरीका में कोरोना वायरस से निपटने के लिए क्या किया जा रहा है उसपर सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखी है.
उन्होंने सीएनएन से बातचीत में कहा, “मुझे और मेरे परिवार को जान से मार डालने की धमकी, मेरी बेटियों को इस क़दर परेशान करना कि मुझे अपने लिए सुरक्षाकर्मी रखना पड़े, यह तो अपने आप में ग़ज़ब है.”
कोरोना महामारी के दौरान डॉक्टर एंथनी फ़ाउची का चेहरा घर-घर में पहचाना जाने लगा है और कई बार उन्होंने कोरोना के मामले में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी असहमति को सार्वजनिक किया था.