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युद्ध की तैयारी : गृह मंत्रालय के राज्‍यों को निर्देश के बाद ग्वालियर में भी राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाइज 7 मई को

1971 में भी युद्ध के दौरान दिखा था ऐसा ही मंजर

नई दिल्ली /ग्वालियर /भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध के हालातों के बीच  भारत में केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने  राज्यों को नागरिकों की सुरक्षा के लिए मॉक ड्रिल (Civil Defence Drill) करने के निर्देश जारी किए हैं। इस आदेश के बाद ग्वालियर में 7 मई को राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाइज की जायेगी। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में होने जा रही इस मॉक ड्रिल में आपदा के दौरान अंजाम दिए जाने वाले राहत व बचाव कार्यों का जीवंत प्रदर्शन किया जायेगा। यह मॉकड्रिल 7 मई को प्रात: लगभग 11.30 बजे गोले का मंदिर मुरैना रोड पर स्थित आईटीआई से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बिरलानगर तक होगी।

अधीक्षक भू-अभिलेख श्री रविनंदन तिवारी ने बताया कि मॉकड्रिल के दौरान आईटीआई से बिरला अस्तपाल तक ग्रीन कोरीडोर बनाकर आपदा प्रबंधन गतिविधियों को मूर्तरूप दिया जायेगा। इसके बाद बाल भवन में मॉकड्रिल पर चर्चा होगी। उन्होंने बताया कि इससे पहले 6 मई को प्रात: 10 बजे बाल भवन में आपदा प्रबंधन पर टेबल टॉप एक्सरसाइज की जायेगी।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों को नागरिकों की सुरक्षा के लिए मॉक ड्रिल  करने के दिए  निर्देश  

 

भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव जारी है।  भारत में केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने  बड़ा कदम उठाते हुए देश के कई राज्यों को नागरिकों की सुरक्षा के लिए मॉक ड्रिल (Civil Defence Drill) करने के निर्देश जारी किए हैं। गृह मंत्रालय की ओर से जारी निर्देश में कहा गया कि राज्य 7 मई 2025 को प्रभावी तरीके से नागरिक सुरक्षा के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन करेंगे ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस दौरान निम्नलिखित उपाय किए जाएंगे। जैसे-

1. हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन का संचालन।
2. शत्रुतापूर्ण हमले की स्थिति में खुद को बचाने के लिए नागरिक सुरक्षा पहलुओं पर नागरिकों, छात्रों आदि को प्रशिक्षण।
3. क्रैश ब्लैक आउट उपायों का प्रावधान।
4. महत्वपूर्ण संयंत्रों/प्रतिष्ठानों को समय से पहले छिपाने का प्रावधान
5. निकासी योजना का अद्यतनीकरण और उसका पूर्वाभ्यास

1971 में भी दिखा था ऐसा ही मंजर

केंद्र सरकार के आदेश का समय बहुत महत्वपूर्ण है। पिछली बार ऐसा अभ्यास 1971 में किया गया था, जिस साल भारत और पाकिस्तान के बीच दो मोर्चों पर युद्ध हुआ था। बता दें कि पहलगाम हमले के बाद, जिसमें पाकिस्तान से जुड़े आतंकवादियों ने 26 नागरिकों की हत्या कर दी थी। उसके बाद दोनों देशों की कश्मीर से लगती सीमा पर तनाव कम होने का कोई संकेत नहीं दिख रहा है। पाकिस्तान ने लगातार 11 रातों से नियंत्रण रेखा पर भारतीय चौकियों पर गोलीबारी की है। भारत ने इस्लामाबाद की बार-बार सीमा पार से की गई गोलीबारी का कड़ा जवाब दिया है।

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