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कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलनकारियों को जंतर-मंतर से हटाया गया,केंद्रीय मंत्री नड्डा से हुई बातचीत, दिनभर हुआ बवाल लाठीचार्ज, पथराव

नई दिल्ली 20 जुलाई 2026/कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलनकारियों को जंतर-मंतर से हटा दिया गया है। पुलिस ने मंच खाली करा लिया है और टेंट भी निकाल दिए हैं। प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर के बाद कनॉट प्लेस से भी खदेड़ दिया गया है। इस दौरान पुलिस ने जबरदस्त लाठीचार्ज भी किया।

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के ‘चलो संसद’ के आह्वान के बीच सीजेपी ने दावा किया है कि सरकार ने उन्हें बातचीत के लिए बुलाया था.

वहीं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का कहना है कि प्रदर्शनकारियों की ओर से बातचीत का प्रस्ताव आया था.

सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा है कि उनकी केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाक़ात हुई है और उन्होंने आश्वासन दिलाया है कि वो इस पर बात करेंगे.

सौरव दास ने अपनी और आशुतोष रांका की जेपी नड्डा के साथ तस्वीर एक्स पर पोस्ट की है.

जेपी नड्डा ने एक्स पर पोस्ट करके इस मुलाक़ात की पुष्टि की है और प्रदर्शनकारियों से धरना समाप्त करने की अपील की है.

उधर, CJP ने पहले दावा किया था कि अभिजीत दीपके को हिरासत में ले लिया गया। लेकिन बाद में पुलिस और CJP दोनों ने इस बात से इनकार कर दिया। सोमवार सुबह 8 बजे से शुरू हुए प्रदर्शन में पुलिस के लाठीचार्ज और झड़प में कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए।

मामला तब बढ़ गया, जब आंदोलनकारी सुबह 10 बजे बैरिकेड तोड़कर पार्लियामेंट की तरफ बढ़े। इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इसके बाद प्रदर्शनकारी संसद के करीब पहुंच गए।

प्रदर्शनकारियों ने संसद में घुसने की कोशिश की। इसे देखते हुए संसद की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मेन गेट को बंद कर दिया गया। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। देर शाम तक चले हंगामे के बीच प्रदर्शन कर रहे लोगों और पुलिस के पथराव की तस्वीरें भी सामने आईं।

17 जुलाई से सफ़दरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने कहा है कि वे अपना अनशन जारी रखेंगे.

उन्होंने कहा कि यह फ़ैसला पुलिस के ‘अहिंसक प्रदर्शनकारियों के साथ क्रूरतापूर्ण व्यवहार’ के बाद लिया गया है.

वांगचुक का यह संदेश उनके आधिकारिक एक्स हैंडल पर कागज़ पर लिखे संदेश के रूप में पोस्ट किया गया है.

इसमें लिखा है कि वे चाहते हैं कि सरकार मंगलवार या बुधवार को युवा नेताओं को अपनी बात सांसदों के सामने रखने के लिए संसद जाने की अनुमति दे, या फिर उनके युवा नेता उनसे अस्पताल में मिलने आ सकें. तभी वे अपना अनशन तोड़ेंगे.

अपने संदेश में उन्होंने सोमवार को संसद मार्च के दौरान जुटी समर्थकों की अहिंसक भीड़ का शुक्रिया अदा किया है और आगे भी इसी तरह समर्थन देने की अपेक्षा जताई है.

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