ज्योतिर्विद बृजेन्द्र श्रीवास्तव
चन्द्रमा पहले पृथ्वी की विरल छाया या उपच्छाया penumbra में प्रवेश करता है तब इस छाया को आंखों से नहीं देख सकते। इसके बाद जब चन्द्रमा पृथ्वी की सघन छाया umbra में प्रवेश करता है तो चन्द्रकांति मलिन होने लगती है ग्रहण स्पर्श आरंभ होता है। फिर जब चन्द्र का पूरा भाग इस गहरी छाया में कुछ मिनिट के लिए होता है तब खग्रास या पूर्ण ग्रहण होता। ग्रहण की समाप्ति भी इसके विपरीत क्रम से होती है।
यदि खगोलविद ग्रहण को देखकर अपना ग्रहण गणित नहीं जांचे तो अगले ग्रहण गणनाओं में अशुद्धि हो सकती है। इसलिए ग्रहण देखना समझना चाहिए ,आदिवासी ही इससे डरते हैं या फिर मीडिया ऐस्ट्रोलाजर ही इससे डरते और डराते है।
26 मई को पड़ने वाले ग्रहण की कुछ मुख्य बातें
1—26 मई2021 बुधवार का चन्द्र ग्रहण केवल इस दृष्टि से खास है कि यह ग्रहण दिन में होगा इसलिए यह भारत में नहीं दिखेगा।इसलिए प्रकृति के इस रमणीय दृश्य को देखने से भारत के आकाश दर्शन व खगोल प्रेमी और खगोल गणितज्ञ वंचित रहेंगे।
2—धर्मशास्त्रों के अनुसार जब अपने देश के अनुसार चन्द्र ग्रहण दिन में हो और सूर्य ग्रहण रात में हो तो ऐसे ग्रहणों का कोई सूतक नहीं लगता और ऐसे ग्रहणों का उस क्षेत्र में कोई प्रभाव भी संहिता ज्योतिष के अनुसार मान्य नहीं होता।इस सम्बंध में हेमाद्रि और धर्मसिन्धु प्रमाण हैं
3—हाँ, फिर भी इस चंद्र ग्रहण में हमेशा की तरह एक बात खास होगी ।
- वह यह कि मीडिया प्रेमी अल्पज्ञ धर्मशास्त्र के अज्ञानी ज्योतिषी भारत में न दिखने वाले 26 मई 2021 के इस चन्द्र ग्रहण को शास्त्र विरुद्ध जाकर इसे बहुत असरकारी और राशियों के लिए कष्टकलेश प्रद घोषित करेंगे ,
- उनके बहुत से फॉलोअर उपाय पूँछेंगे , बहुत से ज्योतिषी इसके आधार पर देश के लिए तरह तरह की भविष्यवाणी करेंगे।
- मीडिया इसपर विज्ञापन चलाएगा , अपनी TRP बढ़ाएगा।
26 मई2021 बुधवार को कहीं खग्रास कहीं खण्डग्रास कहीं केवल कांति मलिन रूप में कहीं केवल उपच्छाया ग्रहण रूप से दिखने वाले इस चन्द्र ग्रहण के विवरण इस प्रकार से हैं:
●1चन्द्र का उपच्छाया penumbra प्रवेश दिन में 2.18 बजे दोपहर
●2 छाया umbra प्रवेश व कांति मलिनता आरम्भ दिन 3.25 दोपहर
★3 खग्रास चन्द्र ग्रहण आरम्भ 4 43 बजे दिन
★4 खग्रास अधिकतम 4 48 बजे दिन
★5 खग्रास समाप्ति 4 54 बजे दिन
● 6 छाया umbra निकास 6 21 बजे शाम
●7 उपच्छाया penumbra निकास 7 19 बजे शाम
◆◆कुल अवधि 2 18 pm से 7 19 pm 5 घण्टे और लगभग 1 मिनिट
आप निश्चिन्त रहिए। और हाँ, अगला चन्द्रग्रहण जो 19 नवम्बर 2021 को होगा और अगला सूर्य ग्रहण जो 14 दिसम्बर 2021 को होगा -ये दोनों भी भारत में नहीं दिखेंगे।
इसलिए जब ये तारीखें आएं तो लोगों को समझाएं कि क्षेत्र में नहीं दिखने वाले ग्रहणों का कोई सूतक नहीं होता ,कोई राशि परक असर नहीं होता।