कोलकाता पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं होंगी। पहले समारोह में शामिल होने की बात कहने वालींं ममता के मूड में बुधवार को ट्विस्ट आया। उन्होंने बीजेपी पर शपथ ग्रहण में सियासत का आरोप लगाते हुए कहा कि बंगाल में 54 bjp कार्यकर्ताओं की हत्या का गलत आरोप लगाया जा रहा है। इस कारण अब वह इस कार्यक्रम का हिस्सा नहीं बनेंगी। ममता ने बयान जारी कर कहा कि शपथ ग्रहण लोकतंत्र की महत्वपूर्ण परंपरा है, लेकिन इसे राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। ममता ने पीएम मोदी को लिखे पत्र को अपने ट्विटर अकाउंट पर भी शेयर किया है। इसके साथ ही केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी शपथ में शामिल न होने की बात कही है
ममता बनर्जी ने ट्विटर पर लिखा, ‘लोकतंत्र के उत्सव का जश्न मनाने के लिए शपथ ग्रहण एक पवित्र मौका होता है। यह ऐसा मौका नहीं है जिसमें किसी दूसरी पार्टी को महत्वहीन बनाने की कोशिश की जाए।’
प्रधानमंत्री को काफी तल्ख भाषा में लिखे पत्र में उन्होंने जीत की बधाई देते हुए शपथ ग्रहण में शामिल होने से इनकार कर दिया। 2014 में भी पीएम के शपथ ग्रहण में ममता शामिल नहीं हुई थीं, लेकिन अपने विश्वासपात्र अमित मित्रा और मुकुल रॉय को उन्होंने प्रतिनिधि के तौर पर भेजा था। हालांकि, रॉय अब बीजेपी में हैं और एक दिन पहले ही उनके बेटे ने भी बीजेपी का दामन थाम लिया है।