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चार राज्यों के विधानसभा चुनावों में दांव पर लगी है सिंधिया राजपरिवार की प्रतिष्ठा

राजस्थान में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे तो मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री का चेहरा ज्योतिरादित्य के अलावा यशोधराराजे पर पूरे देश की निगाहें

 

देश की राजनीति में हमेशा से ग्वालियर के सिंधिया राजपरिवार और यहां के प्रसिद्ध जयविलास पैलेस का खासा दबदबा रहा है। स्वतन्त्रता से पूर्व इस

राजपरिवार के विकास कार्यों ने ग्वालियर को पूरे देश में पहचान दिलाई वहीं आजादी के बाद राजमाता विजयाराजे सिंधिया की राजनीति में

दमदार एंट्री ने उन्हें जनता के बीच सबसे लोकप्रिय व चहेता नेता बन दिया इसी क्रम को उनके पुत्र माधवराव सिंधिया ने भी आगे बढ़ाया। वर्तमान विधानसभा चुनाव की बात की जाय तो एक तरफ कांग्रेस ने मध्यप्रदेश से इसी राजपरिवार के ज्योतिरादित्य सिंधिया को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया है तो राजस्थान में राजमाता विजयाराजे सिंधिया की पुत्री वसुंधरा राजे खुद मुख्यमंत्री हैं और चुनाव मैदान में हैं। मध्यप्रदेश के शिवपुरी से राजमाता की छोटी पुत्री यशोधराराजे जो कि प्रदेश सरकार में मंत्री हैं  भी चुनाव मैदान में हैं। आज shabdshaktinews  द्वारा इस परिवार से जुड़ीं  राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे  के चुनाव का विश्लेषण किया जा रहा है।

 

कांग्रेस पार्टी ने राजस्थान की झालरापाटन विधानसभा सीट पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ पूर्व भाजपाई मानवेंद्र  सिंह को चुनाव मैदान में उतारकर मुकाबले को टक्कर का बना दिया है। मानवेंद्र सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के कद्दावर नेता रहे जसवंत सिंह के पुत्र हैं। उन्होंने पिछले माह ही कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की थी। हालांकि वसुंधरा राजे 2003 से झालरापाटन सीट जीतती रही हैं, लेकिन इस बार कांग्रेस पार्टी ने मानवेंद्र सिंह को यहां से टिकट देकर चुनावी समीकरण बदलने का प्रयास किया है। खास बात यह भी है कि कांग्रेस पार्टी ने वसुंधरा राजे के खिलाफ चुनाव में हर बार किसी नए चेहरे को उतारा है। राजनीति के जानकार बताते हैं कि राजस्थान के राजपूत बाहुल्य इलाकों में आज भी पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह को सम्मान की नजर से देखा जाता है।इसका फ़ायदा कांग्रेस को मिल सकता है।
  मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने शनिवार को झालरापाटन विधानसभा सीट से चौथी बार नामांकन भरा है। उन्होंने 2003 में जब यहां से पहली बार चुनाव लड़ा तो उन्हें 72760 वोट मिले थे। कांग्रेस पार्टी ने राजे के खिलाफ रमा पायलट को मैदान में उतारा था, जिन्हें 45385 मत हासिल हुए थे। इसके बाद 2008 में भी वसुंधरा राजे ने इसी विधानसभा क्षेत्र में चुनाव लडा था।इस बार उन्हें 81593 वोट मिले, जबकि उनके सामने कांग्रेसी उम्मीदवार रहे मोहन लाल के खाते में 49012 वोट गए थे।

छले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने वसुंधरा के खिलाफ राजपूत समुदाय की मीनाक्षी चंद्रावत को टिकट दिया था, लेकिन वे केवल 53488 वोट ही ले सकी।वसुंधरा राजे को इस चुनाव में 114384 मत हासिल हुए थे। यदि पिछले तीन चुनाव को देखें तो राजे के वोट लगातार बढते रहे हैं। विधायक मानवेन्द्र सिंह पूर्व में बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा क्षेत्र से सांसद भी रह चुके हैं।2003 के लोकसभा चुनाव में मानवेन्द्र सिंह ने सबसे ज्यादा मत पाकर रिकॉर्ड जीत हासिल की थी

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