एमसीडी ने आज अपनी अतिक्रमण विरोधी मुहिम के तहत जहांगीरपुरी में जामा मस्जिद के सामने से तकरीबन 12 अवैध बनाई गईं दुकानों को तोड़ दिया गया . बाद में दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त ने यह साफ कर दिया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अतिक्रमण हटाओ अभियान बंद कर दिया गया है. वहीं, उत्तरी दिल्ली नगर निगम के आयुक्त ने मीडिया को बताया है कि जहांगीरपुरी के जिस इलाके में आज बुधवार को तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई है, वहां पर पिछले 11 अप्रैल को भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई थी. उन्होंने कहा कि आज की कार्रवाई उसका एक हिस्सा है और यह रुटिन की कार्रवाई है. यह महज संयोग ही है कि 16 अप्रैल की हिंसा के बाद का समय बीच में आ गया है, लेकिन नगर निगम ने इलाके से अवैध निर्माण हटाने की योजना पहले ही बना ली थी। एमसीडी ने जामा मस्जिद का गेट तोड़ने के साथ ही उसके पास ही स्थित मंदिर के नजदीक अवैध निर्माण को भी गिरा दिया . यह मंदिर जामा मस्जिद से करीब 50 मीटर की दूरी पर स्थित है.
#WATCH उत्तरी दिल्ली नगर निगम द्वारा दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। pic.twitter.com/ZVqmMzcAmV
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 20, 2022
#WATCH | Despite SC order to maintain status-quo on demolition drive, NDMC continues anti-encroachment drive in the Jahangirpuri area of Delhi pic.twitter.com/TW07OM2WFE
— ANI (@ANI) April 20, 2022
हनुमान जयंती के मौके पर शोभायात्रा पर पथराव होने के बाद सुर्खियों में आए जहांगीरपुरी में नगर निगम की टीम अवैध कब्जों पर कार्रवाई की। इस दौरान कई बुलडोजर ने कार्रवाई करते हुए अवैध अतिक्रमण को गिराया। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस कार्रवाई पर यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश जारी किया था, आदेश एम सी डी तक न पहुंचने के कारण जिसके दो घंटे बाद भी तोड़फोड़ चलता रही। यह कार्रवाई तब रुकी जब वृंदा करात कोर्ट का ऑर्डर लेकर जहांगीरपुरी पहुंचीं।
ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया रोकने के बाद पुलिस ने घटनास्थल से मीडियाकर्मियों को हटा दिया है। अब एक बार फिर सुरक्षा बल पूरे इलाके में तैनात हैं और हालात सामान्य करने की कोशिश में हैं।
पुलिस ने जहांगीरपुरी में मंदिर और मस्जिद दोनों के पास बुलडोजर से कार्रवाई की है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जब यह कार्रवाई रोकी गई है तो धार्मिक स्थल के आसपास की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। इसके साथ ही इलाके की दुकानें एक बार फिर बंद हो गई हैं।
उधर इससे पूर्व जमीयत उलमा-ए-हिंद के सचिव नियाज अहमद फारूकी ने कहा कि, हमारे पास जानकारी थी कि जहांगीरपुरी में तोड़फोड़ का कार्य चल रहा है। हमने एनडीएमसी के मेयर, पुलिस, चीफ सेक्रेटरी को नोटिस भेज तोड़फोड़ रोकने के लिए कहा। नियाज अहमद का कहना है कि ऐसा करके आप सिर्फ दंगाइयों को फायदा पहुंचा रहे हैं। सरकार को इस तरह एक समुदाय को टारगेट नहीं करना चाहिए। मैं गृहमंत्री से आग्रह करता हूं कि वो यह तोड़फोड़ रोकें।