जहांगीरपुरी में अतिक्रमण ढहाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट आज सुनवाई करेगा। सीजेआई एनवी रमण, जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ से याचिकाकर्ता के वकील दुष्यंत दवे ने कहा, कुछ बेहद गंभीर हो रहा है और इसमें आपको दखल देने की जरूरत है। बुधवार को मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एनवी रमना की पीठ के समक्ष याचिकाकर्ताओं ने कहा कि नगर निगम अवैध रूप से अतिक्रमण हटा रहा है। इस पर अदालत ने यथास्थिति बनाए रखने को कहा। उधर, नगर निगम ने कहा कि यह हमेशा की तरह अतिक्रमण हटाने की कवायद है। वहीं, इसे लेकर सियासी पारा भी चढ़ा रहा। कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है।
उधर दूसरी ओर ऐसा लगता है कि सुप्रीम कोर्ट की दखल के बावजूद कुछ राजनीतिक दलों सहित जेएनयू से जुड़े वामपंथी व कांग्रेस से सम्बद्ध एनएसयूआई ने इस मामले पर राजनीति करके माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बनाने का काम शुरू कर दिया है।
तृणमूल कांग्रेस जहांगीरपुरी में दल भेजेगी
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेतृत्व ने दिल्ली के जहांगीरपुरी क्षेत्र में शुक्रवार को एक तथ्यान्वेषी दल भेजने का फैसला किया है और दल की सभी सदस्य महिला होंगी। पार्टी सूत्रों ने यहां यह जानकारी दी। दल पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को रिपोर्ट सौंपेगा। टीएमसी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘यह दल शुक्रवार को लोगों से बात करेगा।
मैदान में उतरेंगे JNU-जामिया के छात्र
आज वामपंथी छात्र संगठन ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) दोपहर 2 बजे जामिया में प्रदर्शन करेगा। NSUI की जेएनयू यूनिट आज 21 अप्रैल को गंगा ढाबा से साबरमती तक प्रोटेस्ट करेगी।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में बुधवार को नगर निगम का दस्ता अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर लेकर पहुंच गया था। भारी पुलिसबल की मौजूदगी में ढाई घंटे तक 50 से अधिक दुकानों में तोड़फोड़ करके अतिक्रमण हटाये गए थे। हालांकि, बाद में सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोजर चलाने पर रोक लगा दी। गुरुवार को फिर सुनवाई होगी। परन्तु अब सियासत गर्म है।