गुटबाजी से बेहाल कांग्रेस
दिग्विजयसिंह के बयान से ज्योतिरादित्य समर्थक सकते में
बावरिया अरुण यादव अजयसिंह जैसे बड़े नेता भी किसी को CM पद का चेहरा घोषित करने के पक्ष में नहीं
अब 9 अप्रैल को नर्मदा परिक्रमा यात्रा के समापन पर सबकी निगाह
पिछले दो विधानसभा चुनाव में भाजपा द्वारा मिस्टर बंटाढार की पदवी से अलंकृत हो चुके मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अब सच पूछा जाए तो कांग्रेस के लिए ही बंटाढार बनते दिखाई दे रहे हैं।नर्मदा यात्रा समाप्त होते ही उन्होंने कांग्रेस की गुटबाजी को अपने जहर बुझे बयानों से और लगा दी है। उनके ताजा बयान ने सबसे ज़्यादा किसी को आहत किया है तो वे हैं गुना शिवपुरी के सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को। दिग्गी राजा ने खुलेआम कमलनाथ को सीएम कैंडिडेट बनाने की मांग की है। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि यदि चुनाव जीतना चाहते हैं तो कमलनाथ को तत्काल चेहरा घोषित कर दिया जाना चाहिए। महत्वपूर्ण बात यह है कि जब प्रदेश खासकर ग्वालियर चम्बल समभाग की जनता ज्योतिरादित्य को मध्यप्रदेश में कांग्रेस का मुख्यमंत्री पद का चेहरा मान चुकी है ,कांग्रेस के भीतर ज्योतिरादित्य को लेकर एकराय बनती नहीं दिख रही, एक तरफ दिग्विजयसिंह ने कमलनाथ के नाम की वकालत की है तो दूसरी ओर अरुण यादव अजय सिंह और बावरिया जैसे बड़े नेता यह चाहते हैं कि चुनावपूर्व पार्टी किसी को भी सम्भावित मुख्यमंत्री के रूप में प्रस्तुत न करे साफ है यह नेता भी ज्योतिरादित्य पक्ष में नजर नहीं आते हैं, इस प्रकार अब उनकी दावेदारी कमजोर होती दिखाई दे रहीहै

