ग्वालियर /शहर के सबसे प्रतिष्ठित मंदिर में शुमार सनातन धर्म मंडल में चुनाव को लेकर तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई है। मंडल के वर्तमान अध्यक्ष कैलाश चंद मित्तल जो कि इस बार भी अध्यक्ष पद पर संभावित प्रत्याशी हैं को मंडल के एक अन्य सदस्य द्वारा निपटाने की धमकी दी गई है उधर इस धमकी से परेशान श्री मित्तल ने चुनाव न लड़ने की घोषणा की है साथ ही उन्होंने चुनाव अधिकारी पर भी मंदिर की अलमारियों में नियम विरुद्ध तालाबंदी करने और महत्वपूर्ण कागजों को साथ ले जाने का आरोप भी लगाया है।
उधर सनातन धर्म मंडल अध्यक्ष द्वारा लगाए आरोपों के बाद रविन्द्र सिंहल चौबे ने प्रेस नोट जारी कर आरोपों का खंडन किया उनके द्वारा जारी प्रेस नोट शब्दशः इस प्रकार है
मुझे पत्रकार बंधुओं के माध्यम से ज्ञात हुआ है कि आज कैलाश मित्तल जी, महेश नीखरा जी, ओमप्रकाश गोयल जी, विमल माहेश्वरी जी, रमेश चन्द्र गोयल लल्ला जी, केदारनाथ गुप्ता जी, कैलाश नारायण गर्ग जी, मनोज गोयल जी एवं अन्य द्वारा कैलाश मित्तल जी के निवास पर सयुंक्त प्रेसवार्ता की है जिसमे उस ग्रुप ने एवं कैलाश मित्तल जी की धर्मपत्नी श्रीमती पुष्पा मित्तल जी द्वारा बेबुनियाद आरोप लगाये गए है मैं उन सब आरोपों का पूर्ण रूप से खण्डन करता हूं एवं मैने कभी भी अपने जीवनकाल में ऐसा कोई कृत्य नही किया है एवं मेरे खिलाफ कोई क्रिमिनल रिकार्ड नही है। मैं पूर्ण रूप से समर्पित समाजसेवी हूं एवं व्यापारिक पृष्ठभूमि से हूं। 2019 के निर्वाचन में मुझे मण्डल के सम्मानीय सदस्यों ने धर्ममंत्री पर चुनकर भेजा था एवं मैने इनके द्वारा किये गए क्रियाकलापों का इनके कार्यकाल में उजागर किया इसीलिए इन्होने मुझे बहुत परेशान किया और साधारण सभा के सदस्यो ने 23.06.2024 को मेरा करतल ध्वनि से समर्थन किया एवं मुझे आजीवन सदस्य भी स्वीकार कर पूरे सदन में निर्णय लिया। मैं एक समाज में प्रतिष्ठित व्यक्ति हूं एवं इनके द्वारा बार बार मेरे खिलाफ षडयंत्र रचे जा रहे है। यह ग्रुप अब बुरी तरह से बौखला गया है, आगामी आने वाले निर्वाचन में क्यूंकि सत्य सनातन समूह जिसमे सारे प्रतिष्ठित सदस्यों का समागम हो चुका है क्यूंकि पूरे मण्डल के सदस्य इनकी द्वारा की गई मनमानी से व्यथित होने के कारण पुरजोर से इनका विरोध कर रहे है।
इसके अलावा इनका चुनाव अधिकारी तक को कार्य करने मे व्यवधान उत्पन्न कर रहे है।
मेरा आप सभी आदरणीय पत्रकार बन्धुओं से अनुरोध है कि कृप्या मेरी भावना की कद्र करते हुए मेरा खण्डन छापकर मुझे कृतार्थ करें। आपने मण्डल में हो रही अनियमितता बड़ी ही करीब से देखी है किस तरीके से सदस्यगण को 5 साल तक इनके द्वारा साधारण सभा न कराने का विरोध किया, चुनाव न कराने का विरोध, हिसाब किताब न देने का विरोध, मण्डल की दानपेटी की बिना गिने नगदी मण्डल के बाहर ले जाना एवं मण्डल की प्रसादी तक के लिए अपशब्दो का प्रयोग किया गया। साधारण सभा मे किस तरह इस कमेटी का सदस्यगण ने विरोध किया वह भी आपने देखा ही था। परन्तु मण्डल के चुनाव में इस तरह की गंदगी करना बड़े ही शर्म की बात है। आप सभी पत्रकार बन्धु से निवेदन है कि इस विषय को गम्भीरतापूर्वक ले एवं आप खुद भी समझ सकते है कि यह सब षड्यंत्र है इसमे कोई सच्चाई नही है।
भवदीय
रवीन्द्र सिंहल चौबे