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देवर्षि नारद जयंती आयोजन में वरिष्ठ पत्रकार प्रखर श्रीवास्तव बोले स्वतंत्रता के बाद संघ को मीडिया ने सबसे अधिक भ्रामक रूप में प्रस्तुत किया

_”संघ के 100 वर्षों की यात्रा एवं मीडिया” विषय पर आयोजित परिचर्चा में मीडिया, इतिहास और राष्ट्रीय विमर्श के विभिन्न आयामों पर गंभीर चर्चा हुई। समारोह में “देवर्षि नारद सार्थक जीवन पत्रकारिता सम्मान” एवं “देवर्षि नारद उत्कृष्ट पत्रकारिता सम्मान” प्रदान किए गए। कार्यक्रम में पत्रकारिता के क्षेत्र में दीर्घकालीन एवं समाजोन्मुख योगदान देने वाले वरिष्ठ पत्रकारों का सम्मान किया गया

भोपाल 11 मई 2026/विश्व संवाद केंद्र, मध्यप्रदेश द्वारा देवर्षि नारद जयंती के अवसर पर सोमवार को देवी अहिल्या सभागृह, कुक्कुट विकास निगम, भोपाल में “देवर्षि नारद सार्थक जीवन सम्मान एवं उत्कृष्ट पत्रकारिता पुरस्कार” समारोह एवं “संघ के 100 वर्षों की यात्रा एवं मीडिया” विषय पर विशेष परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पत्रकारिता, राष्ट्रचिंतन, समाज जीवन और वैचारिक विमर्श से जुड़े अनेक प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

 

मुख्य वक्ता प्रखर श्रीवास्तव ने “संघ के 100 वर्षों की यात्रा एवं मीडिया” विषय पर अपने विस्तृत वक्तव्य में कहा कि स्वतंत्रता के बाद यदि किसी संगठन को मीडिया ने सबसे अधिक गलत तरीके से प्रस्तुत किया, तो वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ है। उन्होंने कहा कि गांधी हत्या प्रकरण के दौरान संघ को लेकर जिस प्रकार का मीडिया ट्रायल हुआ, उसकी पृष्ठभूमि को समझने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के पत्रों और उस समय के सरकारी दृष्टिकोण को पढ़ना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर पर कबायलियों के आक्रमण के समय संघ के स्वयंसेवकों ने जिस प्रकार मोर्चा संभाला, वह इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है। उस समय सरदार पटेल द्वारा लिखे गए पत्रों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में फंसी हिंदू एवं सिख युवतियों को बचाने के लिए संघ प्रमुख गुरुजी गोलवलकर से सहयोग मांगा गया था।

उन्होंने कहा कि इतिहास में यह तो बताया जाता है कि सरदार पटेल ने संघ पर प्रतिबंध लगाया था, लेकिन यह तथ्य बहुत कम सामने लाया जाता है कि उसी दौर में कम्युनिस्ट पार्टी पर भी प्रतिबंध लगाया गया था। उन्होंने कहा कि संघ के स्वयंसेवक बाद में न्यायालय में निर्दोष पाए गए, जबकि उस समय कम्युनिस्ट गतिविधियों को लेकर गंभीर राष्ट्रीय चिंताएँ थीं।

प्रखर श्रीवास्तव ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की वैचारिक पृष्ठभूमि को समझने के लिए ऑर्गेनाइजर के पूर्व संपादक के.आर. मलकानी की नेहरू-लियाकत पैक्ट पर आधारित लेखमाला को पढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि उसी दौर में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर हुए संघर्षों ने भारतीय लोकतंत्र और संविधान में फ्रीडम ऑफ स्पीच की बहस को नई दिशा दी।

मुख्य अतिथि अशोक पांडेय ने कहा कि आज भी सत्य बोलने वालों को प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है, जबकि देवर्षि नारद सत्य, संवाद और लोककल्याण के प्रतीक रहे हैं। उन्होंने प्रखर श्रीवास्तव की पुस्तक “हे राम” का उल्लेख करते हुए कहा कि उसमें कई ऐसे प्रसंग हैं जो समाज को इतिहास और राष्ट्रचिंतन की नई दृष्टि प्रदान करते हैं।

*चयन समिति*

प्रथम चयन समिति में वरिष्ठ पत्रकार नितेंद्र शर्मा, सतीश एलिया, एवं प्रीति जैन रहें।
तो वहींं मुख्य चयन समिति में शरद द्विवेदी, प्रमोद भारद्वाज, धनंजय प्रताप सिंह, अक्षत शर्मा, एवं प्रवीण दुबे रहें।
नारद सम्मान समिति में गिरीश उपाध्याय, नुसरत मेंहदी, जयराम शुक्ल, रमेश शर्मा, शिवकुमार विवेक, प्रकाश भटनागर सहित अन्य वरिष्ठ पत्रकार एवं मीडिया क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ शामिल थे।

*देवर्षि नारद सार्थक जीवन पत्रकारिता सम्मान*

कार्यक्रम में “देवर्षि नारद सार्थक जीवन पत्रकारिता सम्मान” वर्ष 2025 महेश श्रीवास्तव तथा वर्ष 2026 कैलाश नारायण गौड़ को प्रदान किया गया।

*देवर्षि नारद उत्कृष्ट पत्रकारिता सम्मान*

इसी प्रकार “देवर्षि नारद उत्कृष्ट पत्रकारिता सम्मान 2025” से प्रमोद शर्मा, योगीराज योगेश, भावना अपराजिता शुक्ला, स्मिता, अनुज मैना तथा गोविंद सक्सेना को सम्मानित किया गया। वहीं “देवर्षि नारद उत्कृष्ट पत्रकारिता सम्मान 2026” से अम्बुज माहेश्वरी, प्रवीण सावरकर तथा बृजेश जैन को सम्मान प्रदान किया गया।

*निबंध प्रतियोगिता के विजेता*

इस अवसर पर “लोककल्याण के संचारक देवर्षि नारद” विषय पर आयोजित राष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं की भी घोषणा की गई। प्रतियोगिता में स्तुति कुमारी ने प्रथम, नंदन कुमार ने द्वितीय तथा अंजलि सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सभी प्रतिभागियों को सम्मान पत्र प्रदान किए गए।

कार्यक्रम का शुभारंभ सुश्री आयुषी शर्मा द्वारा प्रस्तुत शास्त्रीय नृत्य से हुआ। इसके पश्चात् मुख्य अतिथि अशोक पांडेय, मुख्य वक्ता प्रखर श्रीवास्तव तथा विश्व संवाद केंद्र न्यास के अध्यक्ष लाजपत आहूजा ने भारत माता एवं देवर्षि नारद के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता लाजपत आहूजा ने की। संचालन सुदीप शुक्ला ने किया तथा आभार प्रदर्शन विश्व संवाद केंद्र न्यास की न्यासी शुभधा ने व्यक्त किया।

 

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