राज्यसभा में एनडीए का बहुमत नहीं है। इसके साथ एनडीए के घटकदल शिरोमणि अकाली दल भी इन विधेयकों के खिलाफ है। ऐसे कांग्रेस दूसरे गैर एनडीए दलों के साथ संपर्क कर रही है। पार्टी चर्चा के दौरान इन विधेयकों को सलेक्ट कमेटी को भेजने की मांग करेगी। इसके लिए सरकार पर हरमुमकिन दबाव बना रही है।

कांग्रेस के एक राज्यसभा सदस्य ने कहा कि हमारी मांग होगी कि सरकार विधेयकों को व्यापक चर्चा के लिए सलेक्ट कमेटी को भेज दे। सरकार ऐसा नहीं करती और विधेयकों को पारित कराने की कोशिश करती है, तो विपक्ष मतविभाजन की मांग करेगा। ताकि, यह साफ हो सके कि कौन किसान और कौन भाजपा के साथ है। पार्टी नेता मानते हैं कि सत्तापक्ष बीजेडी, टीआरएस, वाईएसआर कांग्रेस और एआईडीएमके का समर्थन जुटा लेता है, तो सरकार विधेयकों को पारित कराने का आंकड़ा जुटा सकती है। पर कई सांसद कोरोना संक्रमण की वजह से संसद नहीं आ रहे हैं। ऐसे में सरकार भी विधेयकों को समिति को भेजने पर तैयार हो सकती है।