वासन्तिक नवरात्र के पहले दिन रविवार को मध्यप्रदेश सहित संम्पूर्ण देश के देवी मां के मन्दिर भक्तों के जयकारों से गूंज उठे। मन्दिरों में दर्शन पूजन के लिए सुबह पांच बजे से ही कतारें लग गईं। दिन भर कतारें लगी रहीं। आदि शक्ति की उपासना के लिए लोगों ने 9 दिन का व्रत प्रारंभ किया और मां के भजन कीर्तन किए।
नवरात्र के पहले दिन सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी। भक्त मां दुर्गा के जयकारों से साथ मंदिरों में पूजा अर्चना व दर्शन को पहुंच गए। नवरात्र के पहले दिन आदिशक्ति के पहले स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा की गई। सुबह स्नान आदि करके भक्त पूज की थाल सजाकर मन्दिरों की ओर चल दिए।
मन्दिरों में जाकर कतार में लगकर विधि विधान से मां की पूजा अर्चना और स्तुति विनय की। आरती उतारी प्राचीन मांढरे माता नहर वाली माता रतनगढ़ माता पीताम्बरा पीठ माता मां संकटा देवी मन्दिर में सुबह पांच बजे से ही भक्तों की कतारें लग गईं। पूरा दिन यहां कतारें लगी रहीं। मन्दिर परिसर या देवी सर्वभूतेषु के उच्चारण से गूंजता रहा। मन्दिर परिसर में लोगों ने दुर्गा शप्तसती का पाठ किया। शाम को महाआरती में हजारों लोगों ने भाग लिया। इसके अलावा प्राचीन मां बंकटा देवी, शीतला देवी, भुइया माता, संतोषी माता, दुर्गा मन्दिर सहित अन्य मन्दिरों के कपाट भी भक्तों के लिए सुबह पांच बजे ही खुल गए।
पूरा दिन पूजा अर्चना का क्रम चलता रहा। रात में भजन कीर्तन का आयोजन किया गया। उधर घरों में भी भक्तों ने सुबह कलश स्थापना की। परिवार के सभी सदस्यों के साथ विधि विधान से आरती पूजा की और दुर्गा सप्तशती का पाठ किया। मन्दिरों में भक्तों की भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन को भी सतर्क कर दिया गया है।