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पंच परिवर्तन से समाज बदलेगा : इंदापुरकर

गरगज नगर की प्रमुख जन गोष्ठी आयोजित

ग्वालियर13 फ़रवरी 2026/ समाज परिवर्तन केवल कहने से नहीं करने से होगा। पंच परिवर्तन-सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्व बोध, कुटुंब प्रबोधन और नागरिक कर्तव्य के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। समाज की समस्याओं का समाधान समाज के लोगों के सहयोग और जिम्मेदारी से ही संभव है। शहर में बढ़ती यातायात समस्या का प्रमुख कारण भी नियमों का पालन न करना है, इसलिए सभी नागरिकों को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए।
यह बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मध्य क्षेत्र के क्षेत्र कार्यकारिणी सदस्य यशवंत इंदापुरकर ने विनय नगर सेक्टर-4 स्थित जीपीएस स्कूल में आयोजित गरगज नगर की प्रमुख जन गोष्ठी में मुख्य वक्ता की आसंदी से कही। संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ लश्कर जिला संघचालक सुनील पाठक ने की।

इस अवसर पर गरगज नगर संघचालक मानसिंह जादौन भी मंचासीन रहे। मुख्य वक्ता श्री इंदापुरकर ने कहा कि पंच परिवर्तन के सभी विषयों को हमें अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने संघ के 100 वर्षों के कार्यों के कार्यों पर प्रकाश डालते हुए आद्य सरसंघचालक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार और गुरुजी के जीवन से जुड़े प्रेरणादायक प्रसंगों को उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि संघ को प्रारंभिक समय में उपेक्षा का सामना करना पड़ा और जब समाज में उसकी स्वीकार्यता बढ़ी तो उस पर तीन बार प्रतिबंध भी लगाया गया, लेकिन हर प्रतिबंध के बाद संगठन और अधिक मजबूती से आगे बढ़ा। कार्यक्रम के प्रारंभ में एकल गीत नवल गौड़ ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का संचालन नगर कार्यवाह उदय यादव ने एवं आभार नगर संघचालक मानसिंह जादौन ने व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन वंदे मातरम् गीत के साथ हुआ।

नि:स्वार्थ भाव से किया कार्य कभी विफल नहीं होता : वर्मा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होना इस सत्य का प्रमाण है कि नि:स्वार्थ भाव से किया गया कार्य कभी विफल नहीं होता। डॉ.केशव बलिराम हेडगेवार ने 1925 में मात्र एक संगठन की नींव नहीं रखी थी, बल्कि खंडित होते समाज को ‘स्व’ की पहचान कराकर राष्ट्र निर्माण की एक ऐसी प्रक्रिया शुरू की, जो आज वटवृक्ष बन चुकी है। संघ का लक्ष्य संख्या बल बढ़ाना नहीं, बल्कि हर नागरिक के भीतर अपनी संस्कृति और जड़ों के प्रति गौरव जगाना है।
यह विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ग्वालियर विभाग सह कार्यवाह डॉ.वीरेंद्र वर्मा ने माधवगंज स्थित ब्रह्माकुमारी आश्रम में आयोजित माधव नगर की प्रमुख जन गोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में व्यक्त किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर संघचालक गोविंद गुप्ता ने की। डॉ.वर्मा ने कहा कि पंच परिवर्तन के माध्यम से समाज में समरसता, परिवार के सदस्यों के बीच संवाद और संस्कारों को बढ़ाना, पर्यावरण संरक्षण, भारतीय जीवन शैली, अपने कर्तव्यों के निर्वहन के साथ स्वदेशी वस्तुओं का इस्तेमाल कर देश को आर्थिक रूप से मजबूत करना है। गोष्ठी में ब्रह्मकुमारी केंद्र की संचालिका आदर्श दीदी और प्रहलाद भाई ने समाजसेवा और आध्यात्मिक सशक्तिकरण पर भी जोर दिया। कार्यक्रम के प्रारंभ में भूपेंद्र भदौरिया ने मन समर्पित, तन समर्पित और यह जीवन समर्पित, चाहता हूं मातृभूमि तुझको कुछ और भी दूं गीत प्रस्तुत कर वातावरण को राष्ट्र भक्ति के भाव से ओत-प्रोत कर दिया। कार्यक्रम का संचालन धर्मवीर सिंह परिहार ने एवं आभार गोपाल जाटव ने व्यक्त किया।

मोहना में प्रमुख जन गोष्ठी आज
संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में बरई खंड की प्रमुख जन गोष्ठी 14 फरवरी को दोपहर 12 बजे मोहना में आयोजित की जाएगी। मुख्य वक्ता किशोर पाठक होंगे।

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