प्रवीण दुबे
ग्वालियर 13 फरवरी 2026/ग्वालियर में सक्रीय सत्ता दल के तमाम नेता शहर के विकास और व्यवस्थाओं की कितनी ही डीगें हांकें लेकिन सच्चाई इससे कोसों दूर है,इसका प्रमाण उस
वक़्त सामने आया जब एक समाजसेवी महिला की अचानक हुई मौत के बाद उनकी इच्छा के अनुसार सिर्फ इस कारण उनके अंगदान नहीं कराये जा सके क्यों कि ग्वालियर में अंगदान की प्रक्रिया को पूर्ण करने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है।
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को जब इस बेशर्म सच्चाई से अवगत कराया गया तो उन्होंने भी इस बात पर आश्चर्य प्रकट किया है कि ग्वालियर जैसे महानगर के मेडिकल कॉलेज में अंगदान की व्यवस्था नहीं है।
यह घटनाक्रम किसी सामान्य व्यक्ति के साथ घटित होता तो शायद पता भी न चलता लेकिन यह वाकया उस वक़्त सामने आया जब ग्वालियर के पूर्व महापौर और भाजपा के वरिष्ठ नेता समाजसेवी राज चड्ढा की पत्नी श्रीमती नीति चड्ढा का विगत दिनों आकस्मिक निधन हुआ, चूंकि निति चड्ढाजी की अंतिम इच्छा थी कि मृत्यु उपरांत उनके अंगों को दान कर दिया जाए जिससे मृत्यु उपरांत भी अनेक लोगों का जीवन बचाया जा सके।
इसके लिए उनके पति राज चड्ढा ने जब मेडिकल कॉलेज सम्पर्क किया तो पता चला कि अंगदान प्रक्रिया से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाएं ग्वालियर में उपलब्ध नहीं हैं। बाद में उनकी इच्छा को पूर्ण किए बिना ही अंतिम संस्कार किया गया।
इसको लेकर व्यथित राज चड्ढा ने पहले कलेक्टर रुचिका चौहान से आपत्ति दर्ज कराई और विगत दिवस जब मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने दूरभाष पर श्रीमती नीति चड्ढा के निधन पर संवेदना प्रकट की और पूरी घटना की विस्तार से जानकारी प्राप्त की तब श्री चड्डा ने आभार प्रकट करते हुए बताया कि ग्वालियर में अंगदान की कोई व्यवस्था नहीं है जिस कारण हम श्रीमती जी की अंतिम इच्छा पूर्ण न कर सके।उनका संपूर्ण जीवन लोकसेवा को समर्पित रहा और वे मृत्यु उपरांत भी अनेक लोगों का जीवन बचाना चाहती थीं। श्री चड्डा ने बताया कि यह घटनाक्रम सुनकर मुख्यमंत्री जी ने इस पर आश्चर्य प्रकट किया कि ग्वालियर जैसे महानगर के मेडिकल कॉलेज में अंगदान की व्यवस्था नहीं है। मुख्यमंत्री ने ऐसी व्यवस्था शीघ्र प्रारंभ करने का आश्वासन भी दिया।
डीन डॉ धाकड़ ने कहा मेडिकल प्रोसेस के नियमानुसार इसे पूरा करना संभव नहीं था

उधर इस बारे में शब्द शक्ति न्यूज़ ने गजराराजा मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ धाकड़ से चर्चा की तो उनका कहना था कि ग्वालियर में कभी भी अंगदान से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध नहीं रही हैं पूरे प्रदेश में यह व्यवस्था केवल इंदौर में है। डॉ धाकड़ ने कहा कि इसके बावजूद सूचना मिलने पर उन्होंने निति चड्ढा के अंगदान की इच्छा पूर्ण करने के प्रयास किए लेकिन मेडिकल प्रोसेस के नियमानुसार इसे पूरा करना संभव नहीं था। डॉ धाकड़ ने बताया कि ग्वालियर में अंगदान की सुविधा शुरू करने मिलेट्री हॉस्पिटल से उनका अनुबंध हुआ है उनके सहयोग से ग्रीन कोरिडोर के साथ अन्य मेडिकल प्रोसेस को पूरा किया जा सकेगा जल्द ही यह सुविधा ग्वालियर को प्राप्त हो जाएगी।