सीहोर,प्रांत खंड टोली शिविर में प्रात: काल से ही शरीरक एवं बौद्धिक कार्यक्रमों के बाद दिन संघचालक निर्वाचन सम्पन्न हुआ जिसमें पूर्व में प्रांत संघचालक सतीश पिंपलीकर को पुन: निर्वाचित हुए, सतीश पिंपलीकर का जन्म भोपाल में दिनांक 13.10.1949 को हुआ । वे बाल्यावस्था में ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक बने । सतीश पिंपलीकर ने मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय से सन्् 1972 में एम.एस-सी. (रसायन शास्त्र) की उपाधि प्राप्त की ।वे दतिया जिले में तीन वर्ष संघ के प्रचारक रहे । इसके बाद इन्होंने मध्यप्रदेश विद्युत मंडल में रसायनविज्ञ के पद पर कार्यभार ग्रहण किया । आपका कार्यकाल 1975 से 1982 तक कोरबा में, 1983 से 2005 तक सारणी में रहा तथा 2005 से 2007 तक वीरसिंहपुर उमरिया से चीफ केमिस्ट के पद से सेवानिवृत्त हए । आपने बैतूल और नर्मदापुरम विभाग में संघ के विभिन्न दायित्वों पर कार्य किया । आपको 2009 में संघ की प्रांत कार्यकारिणी में दायित्व मिला उसके बाद 2011 से आप प्रांत के प्रांत संघचालक के दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं ।अब पिंपलीकर अपने सहयोगियों से चर्चा करके कल प्रांत कार्यकारिणी के गठन की घोषणा करेंगे । उल्लेखनीय हैं कि संघ में ये वर्ष निर्वाचन का है इसके पूर्व जिला संघचालकों के चुनाव जिलों में संपन्न हुये थे । उसके बाद कल रात्रि में मध्यभारत भोपाल के आठों विभाग के संघचालकों के चुनाव संपन्न हुए जिसमें राजेन्द्र बांदिल ग्वालियर, सुरेश जैन मुरैना, सुरेश देव विदिशा, लक्ष्मीनारायण चौहान राजगढ़, धन्नालाल दोगने नर्मदापुर, देवेन्द्र सिंह कुशवाह शिवपुरी, बख्तावर सिंह गुना एवं अनिल तामडू् भोपाल विभाग के संघचालक के पद पर सर्वसम्मति से निर्वाचित घोषित किये गये ।
इस शिविर में आठों विभाग से कुल 1308 प्रतिनिधि सम्मिलित हूए । सभी प्रतिनिधियों को सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। शिविर में क्षेत्र प्रचारक अरूण जैन एवं सह क्षेत्र प्रचारक दीपक विस्पुते सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे । उधर,अशोक पाण्डेय का जन्म शिवपुरी जिले के कोलारस में दिनांक 02.07.1953 को हुआ था । वे 1967 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक बने । आपने इंटर तक की पढ़ाई कोलारस में करने के बाद एम.ए.(राजनीति विज्ञान), एल.एल.बी की शिक्षा शिवपुरी से प्राप्त की । 1968 में आपने संघ का द्वितीय वर्ष का प्रशिक्षण प्राप्त किया । 1972 से 1987 तक आपने शिक्षक के रूप में कार्य किया । अगस्त 1975 ये मार्च 1977 तक आप मीसाबंदी के रूप में शिवपुरी व ग्वालियर जेल में रहे । नवंबर 1988 में आपने न्यायिक सेवा के रूप में चंदेरी में अपनी सेवायें प्रारंभ की । इसके बाद आप इंदौर में स्पेशल रेलवे मजिस्ट्रेट के रूप में कार्यरत
पिम्पलीकर पुनः बने प्रांत संघचालक, बांदिल होंगे ग्वालियर विभाग संघ चालक
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