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प्रचंड गर्मी, आग उगलता सूरज जैसे सब कुछ जल उठेगा,जन जीवन अस्तव्यस्त बढ़े उल्टी दस्त बुखार के मरीज

मध्य प्रदेश के तमाम इलाकों में प्रचंड गर्मी और लू ने जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया है। मध्यप्रदेश के खजुराहो और नौगांव में में पारा 45.6 डिग्री दर्ज हुआ। खरगोन में यह 45.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। उधर ग्वालियर चम्बल अंचल में भी गर्मी और लपट सितम ढा रही है,गर्मी जनित रोगों उल्टी दस्त बुखार आदि के रोगियों की संख्या अस्पतालों में लगातार बढ़ रही है। खबर लिखे जाने तक ग्वालियर में पारा 44 तक जा पहुंचा है दोपहर बाद इसमें एक डिग्री का और उछाल आने से गर्मी और लपट विकराल रूप धारण कर लेगी। उधर यूपी में प्रयागराज में 45.9 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। महाराष्ट्र में अकोला (45.4 डिग्री), ब्रम्हपुरी (45.32 डिग्री) और जलगांव में 45.6 डिग्री पारा रिकॉर्ड किया गया।

इन दिनों देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ रही है. मौसम विभाग (Indian Meterological Department) ने अगले 4 दिनों तक पूरे उत्तर और मध्य भारत में भीषण लू (extreme heatwave) की भविष्यवाणी की है. मौसम विभाग के मुताबिक, राजधानी दिल्ली में शुक्रवार को भीषण लू चलने और अधिकतम तापमान के 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का पूर्वानुमान है.

IMD ने जारी किया नारंगी अलर्ट

IMD ने पहले ही शुक्रवार के लिए अपने पूवार्नुमान के साथ एक नारंगी अलर्ट जारी किया है. IMD के अनुसार, दिल्ली में शुक्रवार को न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक 25.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. आईएमडी की ओर से सुबह साढ़े आठ बजे जारी किए गए बुलेटिन के अनुसार, ‘पश्चिम मध्य प्रदेश, विदर्भ, जम्मू, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड के कुछ हिस्सों, पश्चिम बंगाल के पश्चिमी हिस्सों, तेलंगाना और ओडिशा में लू चलने की संभावना है.’

मौसम विभाग के अनुसार, सुबह साढ़े आठ बजे हवा में आर्द्रता का स्तर 28 प्रतिशत रहा. आईएमडी के अनुसार, मैदानी इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक या सामान्य से 4.5 डिग्री सेल्सियस अधिक होने पर गर्म हवाओं को ‘लू’ घोषित किया जाता है. सामान्य से 6.4 डिग्री अधिक तापमान होने पर ‘भीषण लू’ की घोषणा की जाती है.

गर्मी ने तोड़ा 12 साल का रिकॉर्ड

उधर दिल्ली में गुरुवार को अप्रैल में 12 साल का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया था और अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस था. राष्ट्रीय राजधानी में 18 अप्रैल 2010 को अधिकतम तापमान 43.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था.

2 मई के बाद मिल सकती है राहत

सीनियर मौसम वैज्ञानिक आर.के. जेनामणि ने पहले, दिन में कहा था कि दिल्ली-एनसीआर और पूरे उत्तर-पश्चिम भारतीय मैदानी इलाकों में 25 फरवरी के बाद कोई महत्वपूर्ण बारिश नहीं हुई है और इन क्षेत्रों में राहत की उम्मीद सबसे पहले 2 मई को रहेगी, क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ के कारण महत्वपूर्ण बारिश की संभावना है.

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