प्रवीण दुबे
इस वर्ष आयोजित होने वाले ग्वालियर के विश्वप्रसिद्ध तानसेन संगीत समारोह में शिरकत करने वाले देश विदेश के तमाम शास्त्रीय संगीत कलाकारों के नाम घोषित कर दिए गए हैं। आश्चर्य की बात यह है कि संघ प्रमुख डॉ मोहन भागवत के सामने तानसेन समारोह में अपनी अनदेखी की शिकायत करने वाले विश्व प्रसिद्ध सरोद वादक अमजद अली व उनके दोनों बेटों में से किसी को भी एकबार पुनः उनके अपने शहर के प्रसिद्ध तानसेन समारोह में शिरकत करने का मौका नहीं मिल सका है। वैसे अकेले अमजद अली ही नहीं ग्वालियर के कुछ अन्य नामचीन कलाकारों को भी इससे दूर रखा गया है।
उल्लेखनीय है कि आरएसएस (RSS) प्रमुख मोहन भागवत बीते माह ग्वालियर दौरे पर आए थे. इस दौरान उन्होंने विश्व प्रसिद्ध सरोद वादक अमजद अली के आग्रह पर उस्ताद हाफिज अली खान ट्रस्ट से सम्बंधित ‘सरोद घर’ का दौरा किया था. इस दौरान उस्ताद अमजल अली खान भी वहां मौजूद थे. संघ प्रमुख ने सरोद घर में एक घंटे का समय बिताया था. इस दौरान उन्होंने उस्ताद अमजद अली खान से भी बातचीत की थी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बातचीत के दौरान उस्ताद अमजद अली खान का दर्द छलक उठा था।
उस्ताद अमजद अली खान ने संघ प्रमुख से शिकायत करते हुए कहा था कि मध्य प्रदेश सरकार उन्हें तानसेन समारोह में नहीं बुलाती है. उस्ताद अमजद अली खान ने कहा था कि वह हर साल तानसेन समारोह की शुरुआत में अपनी प्रस्तुति देने को तैयार हैं. बता दें कि मध्य प्रदेश के ग्वालियर में जो कि अमजद अली की भी जन्मस्थली है में हर साल दिसंबर के महीने में तानसेन समारोह आयोजित किया जाता है.
तानसेन समारोह एक 4 दिवसीय कार्यक्रम है, जिसमें दुनिया भर के कलाकार अपनी प्रस्तुति देते हैं. इस कार्यक्रम का आयोजन मध्य प्रदेश सरकार का संस्कृति विभाग करता है. महान संगीतज्ञ तानसेन की समाधि व उनके जन्मस्थान बेहट गांव के पास इस कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है.।
अमजद अली द्वारा संघ प्रमुख के सामने तानसेन समारोह में आमंत्रित न किये जाने की शिकायत किये जाने के बाद यह माना जा रहा था कि इस वर्ष 25 से 30 दिसम्बर तक होने वाले तानसेन समारोह में अमजद अली अथवा उनके पुत्रों अमान अयान में से किसी एक को अवश्य कलाकारों के रूप में आमंत्रित किया जाएगा , लेकिन मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के लिये उस्ताद अलाउद्दीन खाँ संगीत एवं कला अकादमी व मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद द्वारा तानसेन समारोह में शिरकत करने वाले कलाकारों की सूची आज जारी कर दी गई इस सूची में अमजद अली का नाम शामिल नहीं है। अब इसको लेकर चर्चा का बाजार सरगर्म है वैसे यहां यह भी बताना उपयुक्त होगा कि वर्तमान में अमजद अली के अतिरिक्त शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में ग्वालियर के कई नाम ऐसे हैं जो न केवल बहुत वरिष्ठ हैं बल्कि प्रसिद्ध भी हैं उन्हें भी तानसेन समारोह में शिरकत करने का मौका नहीं दिया गया है।
9 संगीत सभाओं में यह कलाकार देंगे प्रस्तुतियां
इस बार के समारोह में कुल 9 संगीत सभायें होंगी। पहली 7 संगीत सभायें सुर सम्राट तानसेन की समाधि एवं मोहम्मद गौस के मकबरा परिसर में भव्य एवं आकर्षक मंच पर सजेंगीं। समारोह की आठवीं एवं प्रात:कालीन सभा सुर सम्राट तानसेन की जन्मस्थली बेहट में झिलमिल नदी के किनारे सजेगी। किला परिसर स्थित गूजरी महल में समारोह की नौवीं एवं आखिरी संक्षिप्त संगीत सभा 30 दिसम्बर को सायंकाल आयोजित होगी। “गमक” में होगी सुविख्यात सूफियाना गायक पद्मश्री पूरनचंद बडाली और लखविंदर बडाली की प्रस्तुति इस बार भी विश्व संगीत की प्रस्तुतियाँ होंगी आकर्षण का केन्द्र इस बार के संगीत समारोह में भी गत वर्ष की भाँति विश्व संगीत को भी शामिल किया गया है। समारोह में अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विदेशी संगीत साधक प्रस्तुतियाँ देंगे। इनमें ब्राजील, अर्जेंटीना, फ्रांस, स्पेन, रसिया व इजराहल आदि देशों के स्थापित कलाकार शामिल हैं। कालिदास सम्मान से सम्मानित पं. विक्कू विनायकम चैन्नई का घटम वादन, उदय भवालकर पुणे का ध्रुपद गायन, कालिदास सम्मान से विभूषित पं. कार्तिक कुमार व नीलाद्रि कुमार मुम्बई का सितार वादन होगा। द्वितीय सभा (प्रात:काल) – 27 दिसम्बर को श्री तेजस विंचूरकर एवं सुश्री मिताली खरगोणकर विंचूरकर मुम्बई की बांसुरी-तबला जुगलबंदी, श्री मनोज सराफ इंदौर का ध्रुपद गायन, विश्व संगीत के तहत श्री पाब्लो जी ब्राजील की प्रस्तुति, श्री संजय गरूण पुणे का गायन एवं श्री भारत भूषण गोस्वामी दिल्ली का सारंगी वादन होगा। इस सभा का शुभारंभ राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय ग्वालियर के ध्रुपद गायन से होगा तृतीय सभा (सायंकाल) – 27 दिसम्बर को विश्व संगीत के तहत गान्जालो जेवियर मेरनेस अर्जेंटीना की प्रस्तुति, पं. अभय नारायण मलिक दिल्ली का ध्रुपद गायन, कालिदास सम्मान से विभूषित पं. भजन सोपोरी दिल्ली का संतूर वादन का श्री राहुल देशपाण्डे मुम्बई का गायन तथा पं. अनिन्दो चटर्जी एवं अनुवृत चटर्जी कोलकला की तबला जुगलबंदी एवं कालिदास सम्मान से सम्मानित सुश्री अश्विनी भिड़े देशपाण्डे का गायन होगा। इस सभा का आरंभ शंकर गांधर्व महाविद्यालय ग्वालियर के ध्रुपद गायन से होगा चतुर्थ सभा (प्रात:काल) – 28 दिसम्बर को विश्व संगीत के तहत श्री मार्टिन डबास फ्रांस की प्रस्तुति, सुश्री तृप्ति कुलकर्णी इंदौर का गायन, सुश्री सुधा रघुरामन दिल्ली का कर्नाटक संगीत, श्री राहुल व श्री रोहित मिश्रा वाराणसी का युगल गायन और मैहर वाद्यवृंद का वृंद वादन होगा। इस सभा के आरंभ में भारतीय संगीत महाविद्यालय ग्वालियर की ध्रुपद प्रस्तुति होगी। पाँचवी सभा (सायंकाल) – 28 दिसम्बर को कालिदास सम्मान से सम्मानित पं. सुरेश तलवलकर पुणे का तबला वादन, विश्व संगीत के तहत अल्मुडेना डियाज एवं ए-लानोस स्पेन की प्रस्तुति, सुश्री शाश्वती मण्डल दिल्ली का गायन, सुश्री देवोप्रिया एवं सुचिस्मिता मुम्बई का बांसुरी युगल वादन एवं श्री प्रसाद खापर्डे नासिक का गायन होगा। इस सभा की शुरूआत तानसेन संगीत महाविद्यालय के ध्रुपद गायन से होगी। छठवीं संगीत सभा (प्रात:काल) – 29 दिसम्बर को विश्व संगीत के तहत एकातेरिना एरिस्टोवा-तात्याना शान्द्रकोवा रशिया की प्रस्तुति, श्री रमाकांत गायकवाड़ मुम्बई का गायन, श्री भरत नायक ग्वालियर का सितार वादन, श्री विनोद कुमार द्विवेदी एवं श्री आयुष द्विवेदी कानपुर का युगल ध्रुपद गायन, उस्ताद सिराज अली खां कोलकता का सरोद वादन एवं सुश्री सरिता पाठक यजुर्वेदी नईदिल्ली का गायन होगा। सभा की शुरूआत ध्रुपद केन्द्र ग्वालियर के ध्रुपद गायन से होगी। सातवीं सभा (सायंकाल) – 29 दिसम्बर को विश्व संगीत के तहत श्री युसेफ रोहे अलौश इजराइल की प्रस्तुति, सुश्री मोनिका हितेन शाह अहमदाबाद का गायन, सुश्री तारा किनी बैंगलोर का ध्रुपद गायन, कालिदास सम्मान से विभूषित सुश्री अरूणा सांई राम दिल्ली का कर्नाटक संगीत एवं श्री सोनक अभिषेकी पुणे का गायन होगा। इस सभा का शुभारंभ साधना संगीत महाविद्यालय के ध्रुपद गायन से होगा। आठवीं सभा (प्रात:काल) – 30 दिसम्बर – बेहट में श्री अभिषेक व्यास उज्जैन का गिटार वादन, श्री सुदीप भदौरिया ग्वालियर का ध्रुपद गायन एवं श्री संजय राठौर व साथियों का तबला वादन होगा। सभा के प्रारंभ में तानसेन कला केन्द्र बेहट का ध्रुपद गायन होगा। नौवीं एवं अंतिम संगीत सभा (सायंकाल) – 30 दिसम्बर – गूजरी महल में सुश्री वैशाली बाकोरे इंदौर का गायन, सुश्री राधिका उमड़ेकर द्वारा विचित्र वीणा वादन एवं सुश्री सानिया पाटनकर पुणे का गायन होगा। सभा की शुरूआत शारदानाद मंदिर के ध्रुपद गायन से होगी।