उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के महसी तहसील के महाराजगंज इलाके में मूर्ति विसर्जन के दौरान हुए बवाल में जिस राम गोपाल मिश्रा की हत्या हुई है, उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है. रिपोर्ट में बताया गया है कि बहुत ही बेरहमी से राम गोपाल की हत्या की गई थी. 12 बोर के असलहे से राम गोपाल को गोली मारी गई थी. इसके अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दो दर्जन से ज्यादा छर्रे( पैलेट्स इंजरी) का जिक्र है. शॉक एंड हैमरेज (अत्यधिक ब्लड फ्लो) से मौत की बात सामने आई है. बाई आंख के ऊपर नुकीले हथियार से हमला करने की बात कही गई है. सिर पर किसी भारी वस्तु से हमला किया गया. पैरों के नाखून उखाड़ने की कोशिश की गई.
बता दें कि आरोपी अब्दुल हमीद के पास 12 बोर की सिंगल बैरल लाइसेंसी बंदूक है. इसी बंदूक से हत्या की बात सामने आ रही है. वारदात के बाद से ही अब्दुल हमीद और उसके दोनों बेटे सरफराज उर्फ सलमान उर्फ रिंकू और फहीम फरार हैं. सूत्रों के मुताबिक नेपाल में अपने रिश्तेदारों के घर में तीनों नामज़द आरोपी छिपे हैं. नेपाल में भी अब्दुल हमीद की सर्राफा दुकान है. कार्रवाई के तहत महसी सर्किल के सीओ रूपेंद्र गौड़ को हटाया गया. नए सर्किल अफसर रवि खोखर की तैनाती हो गई
पुलिस ने इस हिंसा मामले में अबतक 50 लोगों को गिरफ्तार किया है. साथ ही अभी तक 3 एफआईआर दर्ज की गई है. हिंसा के तीसरे दिन हालात अब काबू में है. चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती की गई थी. उपद्रवियों को काबू करने के लिए अलग-अलग टुकड़ियों को बुलाया गया था.