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बिल्डर के यहां छापामारी : 1000 करोड़ की बेनामी संपत्ति मिलने की संभावना

भोपाल /फेथ ग्रुप के मालिक राघवेंद्र सिंह तोमर के भोपाल और इंदौर के आधा दर्जन से ज्यादा ठिकानों पर आयकर विभाग छापेमारी कर रहा है। दो ग्रुप में चल रही है रेड में अब तक एक करोड़ कैश मिला है। इसके साथ ही 100 से अधिक बेनामी प्रॉपर्टी, जिसमें क्रिकेट स्टेडियम भी शामिल है। आयकर विभाग इसका वेल्युएशन कर रही है। आयकर विभाग के सूत्रों की मानें तो कार्रवाई में लगभग 1000 करोड़ की बेनामी संपत्ति मिलने की संभावना है।

बताया जा रहा है कि आयकर विभाग को फेथ ग्रुप के बिल्डर राघवेंद्र सिंह तोमर और पीयूष गुप्ता चूड़ीवाला की कुल 112 बेनामी संपत्तियों की सूची है। जिसके आधार पर वह जांच कर रही है। इसमें भोपाल में 357 एकड़ जमीन, 22 रेसीडेंशियल प्लाॅट, 7 फ्लैट, 6 मकान, 4 डुप्लेक्स, 2 होटल/रिसोर्ट और 8 रेसीडेंशियल प्रोजेक्ट, 2 शाॅपिंग मॉल, 4 दुकानें, 2 होटल्स आदि में निवेश किया है। हालांकि, अब तक आयकर विभाग की तरफ से इस संबंध में कोई खुलासा नहीं किया है।

सूत्र बताते हैं कि आयकर विभाग फेथ ग्रुप के प्रमोटर और मालिक राघवेंद्र सिंह तोमर के साथ अन्य व्यापारियों के नाम भी सामने आ रहे हैं। बिल्डर होशंगाबाद के एसपी के साले हैं। भोपाल के जो बिल्डर और व्यवसायी आयकर के निशाने पर हैं, उनमें फेथ बिल्डर के राघवेन्द्र सिंह तोमर के साथ 8 अन्य व्यापारी शामिल हैं। कोरोनाकाल में जब पूरे देश में आयकर विभाग की छापामार कार्रवाई नहीं हो रही है, ऐसे में भोपाल में इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है
बताया जा रहा है कि पिछले साल ईडी के डायरेक्टर को एक शिकायत की गई थी, इसमें भोपाल के अधिकारियों और नेताओं का पैसा फेथ बिल्डर और इनसे जुड़ी अन्य कंपनियों में लगे होने की जानकारी दी गई थी। ईडी ने केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड को पत्र लिखकर मामले की जांच कराई। बताया जाता है कि प्रत्यक्ष कर बोर्ड की गोपनीय जांच में पता चला था कि बिल्डर के पास प्रदेश के रिटायर अधिकारियों का लगभग 500 करोड़ रुपए लगा है। जिसे उन्होंने एकेडमी और कई प्रोजेक्ट में निवेश किया है।

कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के मीडिया कोऑर्डिनेटर नरेंद्र सलूजा ने कहा कि बिल्डर व्यापमं घोटाले के प्री-पीजी मामले में भी संदिग्ध रहे। वे एक मंत्री के खास हैं। उन्होंने भिंड में एक सार्वजनिक सभा में राघवेंद्र सिंह तोमर को अपना छोटा भाई बताया था। ऐसे राघवेंद्र के यहां पड़े आयकर छापों के बाद सच्चाई सामने आने पर सरकार के मंत्री से उनके संबंधों पर भाजपा को जवाब देना चाहिए।

कांग्रेस ने पूछा- राघवेंद्र की किन-किन से निकटता है?
नरेंद्र सलूजा ने पूछा कि मंत्री भदौरिया का राघवेंद्र सिंह से क्या रिश्ता है? किन-किन और मंत्रियों की राघवेंद्र तोमर से निकटता है? किस मंत्री की काली कमाई इनके पास लगी हुई है? भाजपा के कई बड़े नेताओं की नज़दीकी की तस्वीरें तोमर के साथ सोशल मीडिया पर हैं।

ग्वालियर चंबल की अंतर्कलह है आयकर छापों की वजह
सलूजा ने कहा कि भाजपा की ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में अंतर्कलह चरम पर है और यही इस छापे की वजह है। भाजपा के गुटों में अब एक दूसरे को निबटाने का खेल शुरू हो गया है। एक मंत्री की अति और बढ़ते कद के पर कतरने के लिए ये छापे मारे गए हैं। पैसे में भी गोलमाल इसकी वजह हो सकती है। ।

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