ग्वालियर ग्रामीण के मंडल अध्यक्ष घोषित होने के बाद अब महानगर के मंडलों के मंडल अध्यक्षोको लेकर धडकने तेज हो गई हैं सूत्रों का कहना है कि सूची भोपाल पहुंच चुकी है इसकी घोषणा में भाजपा के भीतर व्याप्त गुटबाजी रोढ़ा बनी हुई है। सूत्रों की माने तो एक राय बनते ही सूची घोषित कर दी जाएगी।

उल्लेखनीय है कि भाजपा के भीतर सांगठनात्मक गतिविधियां चरम पर हैं एक ओर प्रदेश अध्यक्ष के नाम तय करने के लिए मंथन जारी है तो दूसरी ओर मंडल अध्यक्षो के निर्वाचन को अंतिम रूप दिया जा रहा है यूंतो इसके लिए नवम्बर तक की समय सीमा तय थी लेकिन इसपर अमल नहीं हो सका है।
सूत्रों का कहना है कि समय रहते मंडलअध्यक्षो की घोषणा न हो पाने के पीछे भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी एक प्रमुख कारण रहा है ग्वालियर की बात करें तो यहां सिंधिया गुट, नरेंद्र तोमर गुट पैवया गुट आदि मंडलों पर अपना वर्चस्व चाहते है इसी कारण से भोपाल में सूची अटकी हुई है।
रात्रि ग्वालियर ग्रामीण की सूची तो जारी कर दी गई लेकिन गुटबाजी के से परेशान शीर्ष नेतृत्व ग्वालियर महानगर के 17 मंडल अध्यक्षो के नाम घोषित नहीं कर सका है संभावना है कि यह सूची कभी भी आ सकती है।