Homeप्रमुख खबरेंमध्यप्रदेश उपचुनाव में जयविलास और सिंधिया राजवंश की राजनीतिक इज्जत दांव पर

मध्यप्रदेश उपचुनाव में जयविलास और सिंधिया राजवंश की राजनीतिक इज्जत दांव पर

मध्यप्रदेश में शीघ्र होने जा रहे उपचुनाव को लेकर ग्वालियर के सिंधिया राजपरिवार की राजनीतिक इज्जत दांव पर लग गई है। एक ओर कांग्रेस की तरफ से जोतिरादित्य सिंधिया  कमान संभाले हैं तो दूसरी ओर उनकी बुआ हैं जिनका राजनीतिक वजूद शिवपुरी से जुड़ा है ।

आज हम जब यह विश्लेषण लिख रहे हैं तो जयविलास के महाराज और गुना शिवपुरी के सांसद जोतिरादित्य सिंधिया शिवपुरी में रैली कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश में गुना शिवपुरी क्षेत्र के मुंगावली कोलारस में उपचुनाव बिल्कुल नजदीक आ चुके हैं।

चूंकि जोतिरादित्य सिंधिया आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री के चेहरे के रुप में प्रस्तुत किये जा चुके है अतः दो तरह से उनके लिए यह उपचुनाव चुनौती जैसा बन गया है।

दो कारणों में पहला यह कि उन्हें यह चुनाव कांग्रेस को जितवा कर साबित करना होगा कि जनता उन्हें मुख्यमंत्री के चेहरे के रूप में पसंद कर रही है। दूसरा यह कि गुना शिवपुरी जो कि उनका राजनीतिक क्षेत्र है वहां उनका जनाधार कम नहीं हुआ है।

जहां तक इन चुनावी क्षेत्रों का सवाल है शिवपुरी की कोलारस और अशोक नगर की मुंगवाली  सीट के लिए कशमकश की टक्कर होने के आसार बन गए हैं। मुंगावली सीट कांग्रेस के पूर्व मंत्री महेन्द्र सिंह कालूखेडा के निधन के कारण रिक्त हुई वहीं कोलारस सीट कांग्रेस के ही जिलाध्यक्ष रामसिंह की मृत्यु के कारण रक्त हुई। अब दोनों सीटों पर उप चुनाव होगा इसकी बिसात दोनों ही दलों ने बिछाना शुरू कर दी है। वहीं पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की पूरी मेहनत मुंगावली पर दांव पर लगी है। वहीं कोलारस पर उनकी बुआ एवं मप्र में खेल मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया की साख दांव पर है हालांकि भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने अभी तक यशोधरा राजे को चुनाव के मद्देनजर उतना भाव नहीं दिया है जितनी की उम्मीद की जा रही थी बावजूद इसके यदि शिवपुरी क्षेत्र की विधानसभा का उपचुनाव पार्टी हारती है तो यशोधरा पर ठीकरा फूटना अवसम्भावी है।

वैसे राजनीतिक पंडितो की मानी जाय तो इन दोनों ही सीटों पर कांग्रेस काफी मजबूत है और यहां पार्टी को भावात्मक वोट भी मिलने की सम्भावना से इनकार नहीं किया जा सकता क्यों कि मुंगावली और कोलारस दोनों ही सीटों पर कांग्रेस का कब्जा था मुंगावली में पूर्व मंत्री कालूखेड़ा तथा कोलारस में जिलाध्यक्ष रामसिंह जीते थे।

जहां तक भाजपा की बात है उसके लिए यह उपचुनाव इस कारण मूंछ का बाल बन गए हैं क्यों कि इससे पहले हुए चित्रकूट उपचुनाव और पूर्व में भिंड का अटेर उपचुनाव वह हार चुकी है। इससे कांग्रेस को बहुत बल मिला था अब जबकि विधानसभा चुनाव नजदीक है और एक बार फिर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा तो पूरे प्रदेश में विपरीत हवा बहने का गलत संदेश जाने का खतरा उसके लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। अतः वह हर हाल में यह उपचुनाव जीतने की रणनीति बना रही है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments