ऐसा लगता है मध्य प्रदेश में साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस भगवा रंग से बेहद भयभीत ,पहले प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पीएम और सीएम की फोटोयुक्त फोटो को लेकर जहां हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है, वहीं अब दवाईयों के भगवाकरण के आरोप से विवाद गरमा गया है| कांग्रेस का आरोप है कि भारतीय जनऔषधी परियोजना के तहत बांटी जा रही दवाईयों भगवा के सहारे भारतीय जनता पार्टी का प्रचार किया जा रहा है|
दरअसल, भारतीय जनऔषधी परियोजना के तहत देश भर में औषधि वितरण केंद्र खोले गए हैं, जहां यह दवाइयां बांटी जा रही है| भोपाल में भी एक केंद्र है जहां यह दवा मिल रही हैं| लेकिन विरोध इस बात का है कि दवाओं के कवर पर ‘भारतीय जनऔषधि परियोजना’ के पहले अक्षर भा, ज और प को भगवा रंग से लिखा गया है| जो कि भारतीय जनता पार्टी के शॉर्ट फॉर्म ‘भाजपा’ जैसा दिख रहा है| इसको लेकर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है और आरोप लगाया है है कि बीजेपी दवाईयों का भगवाकरण कर अपना प्रचार प्रसार कर रही है|
कांग्रेस का कहना है कि वो चुनाव आयोग में इस सम्बन्ध में शिकायत करेगी| वहीं बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस को हर जगह विरोध दीखता है| इसमें भगवा रंग के साथ नीला रंग भी है, जो बहुजन समाज पार्टी का रंग है इस पर कांग्रेस को कोई आपत्ति क्यों नहीं है| देश में योजनाओं का नाम भारतीय जन औषधि परियोजना नहीं होगा तो क्या ईटली जन औषधि परियोजना होगा| मध्यप्रदेश कांग्रेस की प्रवक्ता शोभा ओझा ने कहा कि पार्टी इस मामले को लेकर गंभीर है और जल्द ही इसकी शिकायत चुनाव आयोग से की जाएगी. उन्होंने कहा, जनहित के काम में पार्टी का नाम नहीं आ सकता लेकिन यहां ”भाजप” का नाम आ रहा है जो साफ बता रहा है कि खुद को महिमामंडित करने के लिए भाजप टैक्सपेयर्स मनी का दुरुपयोग कर रही है|