Homeप्रमुख खबरेंमध्यप्रदेश : सौदान सिंह ने टटोली सत्ता संगठन की नब्ज अब दिखेगा...

मध्यप्रदेश : सौदान सिंह ने टटोली सत्ता संगठन की नब्ज अब दिखेगा बदलाव

नरेन्द्र सिंह का प्रदेश अध्यक्ष बनना लगभग तय,शिवराज नरेन्द्र की जोड़ी होगी विधानसभा चुनाव में भाजपा का चेहरा
 प्रवीण दुबे
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में सत्ताधारी दल भाजपा के भीतर राजनीतिक पारा गरमाया हुआ है। हालांकि  इसकी तपन  अभी आम कार्यकर्ता से दूर है लेकिन जिस प्रकार पार्टी के सर्वोच्च संगठनात्मक पदों में से एक सह संगठनमंत्री सौदान सिंह ने यहां विभिन्न स्तर के नेताओं कार्यकर्ताओं से  तीन दिनों तक चर्चा की है और जो कुछ कहा है उससे साफ संकेत मिलते हैं कि इस बार के विधानसभा चुनावों की तैयारी पिछले दो चुनावों की तुलना में कुछ अलग रहने वाली है।
यूँ तो संगठन से जुड़े शीर्ष नेता का भोपाल प्रवास पहले से ही तय था लेकिन एन समय पर इस  प्रवास के नाम में फेरबदल होना और संगठनमंत्री रामलाल जी की जगह पार्टी के सह संगठन मंत्री सौदान सिंह  के यहां पहुंचने की खबर ने बहुत सारे संकेत दे दिए थे। चूंकि सौदान सिंह का ताल्लुकात मध्यप्रदेश के रीवां से है अतःऐसा लगता है कि  चुनावी ब्यूह रचना में उन्हें आगे करके पार्टी अपने कुशल प्रबंधक अनिल माधव दवे के निधन के बाद पार्टी में पैदा हुए शून्य को भरना चाहती है वहीं संगठनात्मक कमान भी पूरी तरह नियंत्रण में रखना भी इसके पीछे की एक ओर मुख्य वजह मानी जा सकती है।इसका संकेत इस बात से भी मिलता है कि प्रदेश के कद्दावर मंत्रियों समेत अन्य नेताओं ने जिस तरह से लाइन लगाकर उनसे मुलाकात की, उससे साफ है कि सौदान सिंह प्रदेश में जल्द ही किसी नई और पॉवरफुल भूमिका में नजर आने वाले हैं।  उल्लेखनीय है कि सौदान सिंह का मध्यप्रदेश से नाता पुराना है।
विदिशा जिले के कागपुर के रहने वाले सौदान सिंह का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से रिश्ता पुराना है वे संघ के पूर्णकालिक हैं यहीं से संघ की योजना अनुसार उन्होंने अपना राजनीतिक सफर शुरू किया था।वे भोपाल के संभागीय संगठन मंत्री समेत अनेक पदों पर रहे। अपने 26 से 28 मार्च तक के तीन दिनी दौरे में सौदान सिंह ने प्रदेश पदाधिकारियों से लेकर बूथस्तर तक के कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर प्रदेश में संगठन का हाल जाना। यही नहीं उन्होंने प्रदेश पदाधिकारियों और मंत्रियों से वन टू वन बात कर सत्ता और संगठन में चल रहे अंतर्विरोध को भी टटोलने की कोशिश की।
सौदान सिंह द्वारा सत्ता और संगठन के बीच रहकर तीन दिनों तक चली रायशुमारी के बाद अब यह बात तय मानी जा रही है कि पार्टी में संगठनात्मक फेरबदल लगभग तय  है।
 इस बात की सम्भावना बढ़ गई है कि मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव नए प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व मैं लड़ा जाएगा, इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता है कि पार्टी शीर्ष नेतृत्व ने प्रदेश अध्यक्ष का नाम तय कर लिया है और सौदान सिंह उसकी घोषणा से पूर्व नेताओं कार्यकर्ताओं का मूड टटोलने यहाँ आये थे और उन्होंने यह काम बड़ी चतुराई से बिना किसी बवाल के पूरा भी कर लिया है। अब उसकी केवल घोषणा किया जाना ही  शेष है।
कौन होगा प्रदेश अध्यक्ष
आखिर प्रदेश अध्यक्ष कौन होगा ? यूँ तो इसके लिए कई सारे नाम उस समय से ही चर्चा में हैं जबसे भाजपा ने चित्रकूट अटेर मुंगावली कोलारस उपचुनाव में हार का मूंह देखा इन नामों में शिवराज के संकट मोचक के रूप में मशहूर डॉ नरोत्तम मिश्रा, कुशल संगठक के रूप मैं पहचान रखने वाले जायभान सिंह केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर आदि  प्रमुख हैं। पार्टी के भीतर से छनकर आ रही खबरों को यदि सही माना जाए तो चुनाव के मुहाने पर खड़ी पार्टी इस समय न तो कोई नया प्रयोग करना चाहती है न कोई नए नाम का जोखिम ही उठाना चाहती है,यही वजह है कि नए अध्यक्ष की दौड़ में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह का नाम सबसे ऊपर आ गया है।
इसकी दो अन्य वजह भी है एक तो यह कि नरेन्द्र शिवराज की जोड़ी पूर्व के दो विधानसभा चुनावों में पार्टी की नैय्या पार लगा चुकी है दोनों के बीच समन्वय ओर तालमेल तो गजब का है  ही साथ ही पर्याप्त अनुभव भी है। दूसरी मुख्य बात यह है की नरेंद्र सिंह प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की भी गुड बुक में हैं उनके अध्यक्ष बनने से केंद्र का सीधा हस्तक्षेप भी रहेगा और शिवराज ओर मोदी के बीच नरेन्द्र सिंह सेतु का काम भी भली प्रकार कर लेंगे। इस प्रकार आने वाले एक पखवाड़े के भीतर मध्यप्रदेश भाजपा का नया व बदला हुआ स्वरुप जनता के सामने आने की पूरी संभावना है।
RELATED ARTICLES

Most Popular

Recent Comments