पांच साल की एक लड़की की शनिवार की सुबह मेडिकल कॉलेज के कमलाराजा हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई। लड़की की तबीयत खराब होने पर उसके पेरेंट्स डॉक्टर और नर्स को बुलाने गए, लेकिन सभी नींद थे और समय पर नहीं आए, जिससे उसे इलाज नहीं मिल पाया। बाद में डॉक्टर ने पंप के जरिए लड़की की सांसें लाने की कोशिश की, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
सेवानगर निवासी हरीश की बेटी वीरा की तबीयत खराब थी। 8 दिन पहले हरीश ने वीरा को मेडिकल कॉलेज के कमलाराजा वूमन हॉस्पिटल में एडमिट कराया था। वीरा का इलाज जारी था।
-शनिवार को तड़के ड्रिप के दौरान वीरा की तबीयत खराब होने लगी। हॉस्पिटल में मौजूद हरीश और उनकी पत्नी अंजली दोनों ड्यूटी रूम में डॉक्टर और नर्स को बताने गए।ड्यूटी में तैनात डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ सो रहा था। दोनों ने बहुत जगाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं आए। इस बीच वीरा ने इलाज नहीं मिलने के कारण बेड पर ही दम तोड़ दिया।
सुबह सात बजे डॉक्टर वार्ड में पहुंचे और पंप के जरिए कृत्रिम सांसें देने की कोशिश की, लेकिन वीरा की तो मौत हो चुकी थी। अपनी बेटी की मौत से नाराज हरीश का कहना था कि यदि डॉक्टर तड़के देख लेते तो शायद उनकी बेटी बच जाती।हरीश का यह भी कहना था कि यदि 8ई से मरीज देखने की जिद करो तो वे मारपीट करते हैं। इसलिए कई बार चुप रहना पड़ता है। वहीं हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज के अफसर इस बारे में कोई बात करने को तैयार नहीं है।