कारगिल विजय के बीस वर्ष पूर्ण होनेपर वायुसेना के युद्धक विमानों ने किया युद्ध कौशल का हैरतअंगेज प्रदर्शन
कारगिल युद्द के दो दशक पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आज वायुसेना के ग्वालियर एयरवेज पर मिराज और सुखोई जैसे लडाकू विमानों ने कारगिल युध्द के दुश्मनों को नेस्तनाबूद करने का सजीव चित्रण किया। इस अवसर पर कारगिल की चोटियों पर कब्जा जमाए बैठे पाकिस्तानियों पर भारतीय लडाकू विमानों ने लेजर गाइडेड बम बरसाए तो देखने वाले हतप्रभ रह गए। लड़ाकू जंगी विमानों ने आकाश में चमत्कृत करने वाले हैरतअंगेज कारनामों का भी प्रदर्शन किया। इस अवसर पर वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल बीरेंदर सिंह धनोआ विशेष रूप से उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है की भारतीय वायुसेना इस वर्ष कारगिल युद्ध के 20 वर्ष पूर्ण होने पर अपने योद्धाओं की जाबांजी को याद कर रही है। इसी सिलसिले में आज ग्वालियर के वायुसेना एयरवेज पर कारगिल युद्द का रोमांचित कर देने वाला नाट्य रूपांतरण किया गया। इसमें जहां कुत्रिम रूप से मॉडल के बतौर बनाई गई कारगिल की पहाड़ियों को दर्शाया गया वहीं इन पहाड़ियों पर गुपचुप कब्जा जमाए बैठे पाकिस्तानी घुसपैठियों को भारतीय वायुसेना ने कैसे खदेड़ा और मार गिराया इसका भी शानदार प्रदर्शन किया गया।
इस कार्यक्रम में भारतीय वायुसेना के सुखोई 30, मिग 2000, MKI, मिग 21,जगुआर, सहित एडविन लाइट हेलीकॉप्टर आदि विमानों ने आकाश में युद्धकौशल के शानदार प्रदर्शन करके सभी को हतप्रभ कर दिया।
वायुसेना के इस प्रदर्शन का मुख्य आकर्षण था युद्धक विमान मिराज द्वारा कारगिल की चोटियों पर लेजर गाइडेड बमों से दुश्मन को तबाह करना। इसके साथ ही कारगिल युध्द के समय अंजाम दिए गए आपरेशन सफेद सागर के तमाम युद्धक प्रहारों को भी भारतीय वायुसेना के विमानों ने बखूबी अंजाम देकर कारगिल विजय के मनमोहक दृश्यों को बीस वर्ष बाद एकबार पुनः जीवन्त कर दिया। इस युद्धक प्रदर्शन में उस समय देखने वाले लोग रोमांचित हो उठे जब वायुसेना के शौर्य और साहस के दम पर भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तानी घुसपैठियों को खदेड़कर कारगिल की चोटी पर तिरंगा लहरा दिया। आज के इस महत्वपूर्ण प्रदर्शन के समय वायुसेना प्रमुख स्वयं ग्वालियर के वायुसैनिक एयरवेज पर मौजूद थे।