Homeदेशमेरठ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अनुशाषित जनशक्ति का विराट प्रदर्शन

मेरठ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अनुशाषित जनशक्ति का विराट प्रदर्शन

सरसंघचालक मोहनजी भागवत ने
किया मार्गदर्शन कहा संपूर्ण समाज को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ना पड़ेगा, तभी समाज का उत्थान हो पाएगा।
उत्तरप्रदेश के मेरठ शहर में रविवार को राष्ट्रीय स्वयंसेव संघ ने इतिहास रच दिया लाखों गणवेशधारी स्वमसेवकों की अनुशाषित शक्ति को जिसने भी देखा दंग रह गया । समता करते  स्वयंसेवक गीत योग और घोष की पावन ध्वनि के माध्यम के माध्यम से राष्ट्रोदय का शंखनाद करते दिखाई दिए। देश में किसी भी गैरराजनीतिक संगठन का इतनी बड़ी मानवशक्ति से युक्त सार्वजनिक कार्यक्रम पहली बार देखने को मिला है।

मेरठ में रविवार को आरएसएस के राष्ट्रोदय कार्यक्रम में आरएसएस सर संघचालक मोहन भागवत ने कहा कि  संपूर्ण समाज को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़ना पड़ेगा, तभी समाज का उत्थान हो पाएगा। पूरी दुनिया को समय-समय पर धर्म देने वाला हमारा देश है। हम हिन्दू हैं इसलिए हम एक हैं। दुनिया मानती है कि एक होने के लिए एक सा होना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि कट्टर हिन्दुत्व का अर्थ कट्टर सत्य निष्ठा और कट्टर अहिंसा का पालन करने वाला कट्टरता उदारता के लिए है।  हमारे देश के पूजा करने वाले लोग और पूजा नहीं करने वाले लोग, कई भाषाओं को बोलने वाले लोग और हजारों जातियों में खुद को गिनने वाले लोगों का एक ही धर्म है।
उन्होंने कहा कि हमारा देश एक है, क्योंकि हमारे यहां वसुधैव कुटुम्बकम के मंत्र पर लोग चलते हैं। हम हिन्दू कट्टर होंगे तो अधिक विविधताओं को समाहित करेंगे। भारतीय माता को अपनी माता मानने वाला हिन्दू है। हमारे देश में हिन्दू लोग हैं लेकिन वो जानते नहीं कि वो हिन्दू हैं। स्वयंसेवक 1 लाख 70 हजार से ज्यादा सेवा कार्य कर रहे हैं। जब कभी देश पर संकट आता है तो स्वयंसेवक वहां पहुंचते हैं और प्राणों की चिंता किए बगैर राष्ट्र के लिए अपना जीवन दांव पर लगा देते हैं। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम शक्ति प्रदर्शन करने के लिए नहीं करते, क्योंकि शक्ति होती है तो उसे दिखाने की जरूरत नहीं होती। इससे पहले जैन मुनि विहर्ष सागर जी महाराज ने कहा कि देश और धर्म के रथ को अब युवा खींचेंगे। इस देश, समाज को युवाओं की जरूरत है। उन्होंने कहा कि तीन बार पाकिस्तान से युद्ध हुआ, तब हमारे संघ स्वयंसेवक डटे रहे।

 

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