राज्यसभा सदस्य, पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नागपुर मुख्यालय पहुंचे। यहां कुछ देर रुकने के बाद वे दिल्ली लौट गए सूत्रों का कहना है की उनकी मुलाकात सरसंघचालक श्री मोहन भागवत से नहीं हो सकी ,हालांकि अधिकृत रुप से इस बात की पुष्टि नहीं है। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत। में सिंधिया ने इतना ही कहा कि संघ मुख्यालय ऊर्जा व प्रेरणा देनेवाला है। कांग्रेस में अध्यक्ष पद को लेकर चल रही राजनीतिक हलचल पर यह कहकर अधिक बोलने से इनकार किया कि ये कांग्रेस का अंदरुनी मामला है। इस विषय पर वे अधिक नहीं बोलेंगे।
कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद सिंधिया का यह पहला नागपुर दौरा था। उन्होंने अपना यह दौरा एकदम गोपनीय रखा था। दोपहर 11 बजे वे दिल्ली से विमान से यहां पहुुुंचे थे। भाजपा के स्थानीय पदाधिकारियों को भी उनके दौरे की जानकारी नहीं थी। लिहाजा विमानतल पर उनके स्वागत के लिए कोई कार्यकर्ता भी नहीं पहुुंचा था।
ज्योतिरादित्य सिंधिया सिंधिया के नागपुर दौरे को बीजेपी या उनके समर्थक भले ही सामान्य दौरा बताएं, लेकिन उपचुनाव से ठीक पहले सिंधिया का अचानक संघ मुख्यालय पहुंचना ही सियासी चर्चाओं को गर्म करने वाला है. आपको बता दें कि सिंधिया का अब तक का राजनीतिक जीवन कांग्रेस में बीता है. उन्हें भाजपा से जुड़े 6 महीने ही हुए हैं, वह पहली बार संघ के इतने करीब आए हैं. वह बीजेपी में अपनी पूरी शक्ति के साथ सक्रिय हो गए हैं. 21 से 23 अगस्त तक ग्वालियर-चंबल संभाग में उन्होंने अपने करीब 76000 समर्थकों को भाजपा की सदस्यता दिलवाई है।