Homeप्रमुख खबरेंसकारात्मक विमर्श से ही मजबूत होगा राष्ट्र: नवल शुक्ला

सकारात्मक विमर्श से ही मजबूत होगा राष्ट्र: नवल शुक्ला

ग्वालियर 10 फरवरी 2026/ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित की जा रही प्रमुख जन गोष्ठियों का उद्देश्य सकारात्मक विमर्श के माध्यम से समाज और राष्ट्र को सशक्त बनाना है। प्राचीन काल की तरह वर्तमान समय में भी कुछ शक्तियां नकारात्मक विचारों के माध्यम से देश को कमजोर करने का प्रयास कर रही हैं, इसलिए समाज को सतर्क रहकर सामाजिक समरसता बनाए रखना आवश्यक है।

यह विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मध्य भारत प्रांत के सह संपर्क प्रमुख नवल शुक्ला ने मंगलवार को राष्ट्रोत्थान न्यास के विवेकानंद सभागार में आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में व्यक्त किए। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ शिवाजी नगर द्वारा आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर संघचालक पवन चड्ढा ने की। श्री शुक्ला ने कहा कि समाज में उत्पन्न किसी भी समस्या का समाधान आपसी संवाद और सकारात्मक विमर्श से ही संभव है। उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्षों के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्ष 1925 में विजयादशमी के दिन डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने नागपुर में अपने कुछ साथियों के साथ संघ की स्थापना की थी। प्रारंभिक दौर में लोगों ने संघ की उपेक्षा की, बाद में विरोध भी किया, जिसके चलते संघ पर तीन बार प्रतिबंध लगाए गए, लेकिन स्वयंसेवकों ने साहस और दृढ़ता के साथ हर चुनौती का सामना किया।

उन्होंने कहा कि वर्तमान में संघ की समाज में व्यापक स्वीकार्यता बढ़ी है और संघ विभिन्न क्षेत्रों में राष्ट्रहित में कार्य कर रहा है। श्री शुक्ला ने पंच परिवर्तन के अंतर्गत सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्व बोध, नागरिक शिष्टाचार और कुटुंब प्रबोधन को आत्मसात करने का आह्वान किया। वंदे मातरम् गान की प्रस्तुति व्याप्ति उमड़ेकर ने दी। कार्यक्रम का संचालन नगर कार्यवाह मनोज जुनेजा ने एवं आभार नगर संपर्क प्रमुख मुरली सविता ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

संघ कार्य ईश्वरीय कार्य, संस्कृति और मूल्यों से जुडऩा आवश्यक: सबनानी

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कार्य ईश्वरीय कार्य है और समाज को अपनी संस्कृति एवं मूल जड़ों से जोड़े रखने का कार्य संघ निरंतर कर रहा है।
यह विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ग्वालियर विभाग संघचालक प्रहलाद सबनानी ने केशव नगर द्वारा गजराराजा स्कूल परिसर स्थित विद्या भारती कार्यालय में आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में व्यक्त किए। श्री सबनानी ने स्वामी विवेकानंद का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों को विश्व पटल पर स्थापित किया था। आज के समय में भी समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहना अत्यंत आवश्यक है और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इसी दिशा में कार्य कर रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता लश्कर जिला संघचालक सुनील पाठक ने की। इस अवसर पर केशव नगर संघचालक हीरालाल मंडेलिया भी मंचासीन रहे।

आत्म बोध से सशक्त होगा देश : शर्मा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण करना है। इतिहास साक्षी है कि जब-जब भारत आत्म विस्मृति का शिकार हुआ है, तब-तब देश पराधीन हुआ है। इसलिए समाज को आत्म बोध की आवश्यकता है। यह विचार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मध्य भारत प्रांत के गौ सेवा प्रमुख मधुसूदन शर्मा ने गुड़ा स्थित ओम शांति गार्डन में आयोजित प्रमुख जन गोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में व्यक्त किए।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ छत्रसाल नगर द्वारा आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर संघचालक वीरेंद्र सिंह कुशवाह ने की। श्री शर्मा ने संघ के कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्तमान में संघ का कार्य देशभर में लगभग 83 हजार स्थानों पर संचालित हो रहा है। उन्होंने हिंदू समाज से संगठित होकर राष्ट्र को मजबूत बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की प्रस्तावना एवं अतिथि परिचय उमेश शर्मा ने दिया। इस अवसर पर रामगोपाल धाकड़ ने एकल गीत प्रस्तुत किया, जबकि वंदे मातरम् गीत श्रीमती अर्चना द्वारा प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का संचालन अरुण चौहान ने तथा आभार संजय गर्ग ने व्यक्त किया।

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