सकल ब्राह्मण महासमिति ने पहली बार सार्वजनिक रूप से किया आयोजन, पर्याप्त वर्षा, सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना
ग्वालियर, 10 अगस्त। सकल ब्राह्मण महासमिति द्वारा ग्वालियर में पहली बार सार्वजनिक रूप से श्री हजारेश्वर महादेव मंदिर, गेंडे वाली सड़क पर भव्य नमक-चमक सहस्त्रधारा रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। प्रदोष काल में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में एक हजार एक जलधाराओं से श्री 1108 शिवलिंग श्री हजारेश्वर महादेव का अभिषेक किया गया।
सहस्त्रधारा में त्र्यंबकेश्वर-गोदावरी, ओंकारेश्वर, महाकाल, काशी विश्वनाथ और गंगोत्री सहित विभिन्न पवित्र तीर्थों के गंगाजल तथा पंचामृत का समावेश किया गया। रुद्राभिषेक के माध्यम से ग्वालियर में पर्याप्त वर्षा, आर्थिक विकास तथा सभी के सुख, समृद्धि, शांति और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की गई।
विद्वान आचार्यों के सान्निध्य में हुआ रुद्राभिषेक
रुद्राभिषेक मुख्य यजमान राजकिशोर-दिव्या शर्मा, डॉ. जयवीर भारद्वाज, रामबाबू नर्मदा कटारे, जितेंद्र-संगीता राजोरिया, प्रकाश नारायण शर्मा, बीना भारद्वाज, रामनारायण मिश्रा, एच.बी. शर्मा, डॉ. केशव पांडे, के.जी.-मधु दुबे, शैलेंद्र-सुधा दीक्षित, शीतल शर्मा, मनोज-रश्मि त्रिपाठी, रवींद्र झारखरिया, डॉ. मुन्नालाल शर्मा और योगेंद्र दीक्षित सहित अन्य यजमानों द्वारा किया गया।
इस धार्मिक अनुष्ठान का संपादन 11 विद्वान ब्राह्मणों के आचार्यत्व में हुआ। मुख्य आचार्य पंडित गिरिराज गुरुजी के साथ पंडित ब्रह्मदत्त पांडेय शास्त्री, पवन शास्त्री, मनमोहन अनिकेत उपाध्याय, कार्तिक शर्मा, चिराग उपाध्याय, मनोज पांडेय, राम दुबे, शुभम शर्मा, अभिषेक सहित विद्वान ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रुद्राभिषेक संपन्न कराया।
‘ब्राह्मण सनातन धर्म और संस्कृति का रक्षक’
इस अवसर पर जनकताल के महंत कमलदास जी महाराज एवं भागवताचार्य मधु कृष्ण दुबे ने सनातन धर्म और संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डाला। महंत कमलदास जी महाराज ने कहा कि ब्राह्मण सनातन धर्म और संस्कृति का रक्षक है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव और माता पार्वती की उपासना करने से भक्त की मनोकामनाएं शीघ्र पूर्ण होती हैं।
उन्होंने श्रद्धालुओं को आशीर्वचन देते हुए सनातन संस्कृति और धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।
सभी समाजों की रही सहभागिता
सकल ब्राह्मण महासमिति ने सहस्त्रधारा रुद्राभिषेक में सभी समाजों तथा विभिन्न ब्राह्मण उपवर्गीय समाजों और संगठनों के प्रमुखों को निशुल्क सहभागिता का अवसर दिया। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और भगवान हजारेश्वर महादेव का जलाभिषेक कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
आयोजन के बाद श्रद्धालुओं को फलाहारी प्रसाद वितरित किया गया। साथ ही सहस्त्रधारा रुद्राभिषेक में उपयोग किए गए पवित्र जल को ‘अमृत जल’ के रूप में शीशियों में भरकर शिवभक्तों को निशुल्क वितरित किया गया। श्रद्धालुओं ने इस पहल को धार्मिक आस्था और सेवा का अनूठा संगम बताया।
महिला पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में महिला संयुक्त अध्यक्ष संगीता शर्मा, रेनू शर्मा, महामंत्री रचना गौड़, महिला संयोजिका शशि शर्मा, अल्का मिश्रा, किरण मिश्रा, प्रीति शर्मा, आशा त्रिपाठी सहित सकल ब्राह्मण महासमिति के पदाधिकारी, सदस्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
सहस्त्रधारा रुद्राभिषेक के दौरान मंदिर परिसर भगवान शिव के जयकारों और वैदिक मंत्रोच्चार से गूंजता रहा।