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सिरदर्द बना मैच : धरना ,प्रदर्शन ,विरोध से निपटने धारा-163 के तहत जारी किया प्रतिबंधात्मक आदेश

अंतर्राष्ट्रीय टी-20 मैच को ध्यान में रखकर जिला दण्डाधिकारी ने धारा-163 के तहत जारी किया प्रतिबंधात्मक आदेश

लोक शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिये जारी किया गया है यह आदेश

आदेश के उल्लंघन पर होगी दण्डनीय कार्रवाई

ग्वालियर / ग्वालियर के श्रीमंत माधवराव सिंधिया क्रिकेट स्टेडियम में 6 अक्टूबर को भारत – बांगलादेश के बीच आयोजित होने जा रहे अंतर्राष्ट्रीय टी-20 क्रिकेट मैच की सुरक्षा जहां पुलिस प्रशासन के लिए सिरदर्द बन गई वहीं इसी वजह से शहर में लागू तमाम प्रतिबंधात्मक आदेश ग्वालियर वासियों के लिए भी परेशानी का कारण बन गए हैं।

पुलिस अधीक्षक ने कलेक्टर को धार्मिक भावनाओं को भड़काने एवं सांप्रदायिक वातावरण से कराया था अवगत

सरकारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि पुलिस अधीक्षक ने अपने प्रतिवेदन के जरिए जिला दण्डाधिकारी को अवगत कराया  है कि बांगलादेश में हाल ही में हुईं घटनाओं के विरोध में विभिन्न संगठनों द्वारा ग्वालियर में जुलूस, धरना, प्रदर्शन, पुतला दहन किए जा रहे हैं। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामाजिक सद्भावना को तोड़ने, विभिन्न समुदायों में संघर्ष व वैमनस्यता की स्थिति निर्मित करने वाले आपत्तिजनक संदेश, चित्र, वीडियो व ऑडियो में से इत्यादि का प्रसारण व फारवर्ड कर धार्मिक भावनाओं को भड़काने एवं सांप्रदायिक वातावरण बनाया जा रहा है। इसलिए लोक शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिये प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया जाना जरूरी है।

इसी को ध्यान में रखकर कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्रीमती रुचिका चौहान ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 के तहत अहम प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन के आधार पर ग्वालियर जिले की सीमा में लोक शांति, आमजन व परिसम्पत्ति की सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। यह आदेश 7 अक्टूबर तक प्रभावशील रहेगा। आदेश में यह भी साफ किया गया है कि आदेश के उल्लंघन पर भारतीय न्याय संहिता की धारा-223 एवं आयुध अधिनियम के अंतर्गत दण्डनीय अपराध होगा।

 

इन गतिविधियों पर लगाया प्रतिबंध

जिला दणडाधिकारी श्रीमती चौहान ने प्रतिबंधात्मक आदेश में स्पष्ट किया है कि जिले की सीमा में कोई भी व्यक्ति विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, वॉट्सएप, ट्विटर, एसएमएस व इंस्टाग्राम इत्यादि संसाधनों का उपयोग अंतर्राष्ट्रीय स्तर के आयोजन में बाधा डालने और धार्मिक भावनाओं को भड़काने, जातिगत विद्वेष फैलाने, सामाजिक सौहार्द्र को क्षति पहुँचाने का काम नहीं कर सकेगा। उन्होंने आदेश में उल्लेख किया है कि भ्रामक एवं आपत्तिजनक सूचनाएँ, आपत्तिजनक चित्र, वीडियो व ऑडियो मैसेज का आदान-प्रदान, प्रसारण व फॉरवर्ड नहीं किए जा सकेंगे। साथ ही ऐसी आपत्तिजनक पोस्ट को लाइक या फॉरवर्ड नहीं किया जा सकेगा। ग्रुप एडमिन को भी इस बात की सूचना अपने मोबाइल यूजर को देनी होगी।
प्रतिबंधात्मक आदेश में साफ किया गया है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर के आयोजन के दौरान ऐसे कटआउट, बैनर, पोस्टर, फ्लैक्स, होर्डिंग, झण्डे इत्यादि प्रदर्शित या प्रकाशित नहीं किए जा सकेंगे, जिन पर मैच के विरोध में आपत्तिजनक कंटेंट तथा किसी धर्म, जाति, व्यक्ति, संप्रदाय या समुदाय के खिलाफ नारे व भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल किया गया हो। साथ ही किसी भी निजी या सार्वजनिक स्थल पर प्रदर्शन व पुतला दहन इत्यादि कृत्य पूर्णत: प्रतिबंधित रहेंगे।
सार्वजनिक स्थलों पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के इस मैच के विरोध स्वरूप या अन्य कोई भी आपत्तिजनक संदेश, चित्र, नारे आदि लिखा जाना या इनको प्रदर्शित करना भी प्रतिबंधित रहेगा।

अस्त्र-शस्त्र लेकर चलने पर भी प्रतिबंध

आदेश की अवधि के दौरान अस्त्र-शस्त्र धारण करने एवं उनके प्रदर्शन पर भी प्रतिबंध रहेगा। अन्य मौथरे व धारदार हथियार जैसे तलवार, भाला इत्यादि लेकर चलना भी प्रतिबंधित किया गया है।

ज्वलनशील पदार्थों के विधि विरूद्ध उपयोग पर प्रतिबंध

इस प्रतिबंधात्मक आदेश के माध्यम से शंकरपुर स्थित श्रीमंत माधवराव सिंधिया क्रिकेट स्टेडियम, ऊषा किरण पैलेस तथा होटल रेडीसन के आसपास के लिए अतिरिक्त प्रतिबंधात्मक निर्देश जारी किए गए हैं। जिसके तहत इन सभी परिसरों के 200 मीटर की परिधि में किसी भी प्रकार के ज्वलनशील पदार्थों जैसे मिट्टी का तेल, पेट्रोल, तेजाब इत्यादि का विधि विरूद्ध उपयोग पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा।

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