हिंदू महासभा ने 15 नवंबर को बलिदान दिवस मनाते हुए अपने ऑफिस में ही गोडसे की मूर्ति स्थापित कर दी थी। इसके बाद से शहर की सियासत में उबाल आया हुआ था। कुछ संस्थाओं ने इसके खिलाफ कोर्ट में परिवाद प्रस्तुत किया है, जबकि कांग्रेस ने प्रशासन को मूर्ति हटाने के लिए ज्ञापन देकर 3 दिन का अल्टीमेटम दे दिया था- जिला प्रशासन ने भी गुरुवार शाम हिंदू महासभा को 5 दिन में गोडसे की मूर्ति हटाने के लिए कहा था। जबकि कांग्रेस ने शुक्रवार से गोडसे मूर्ति हटाने की मांग के समर्थन में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था। कांग्रेस ने प्रशासन को चेतावनी दी थी कि मूर्ति नहीं हटाई तो कांग्रेस कार्यकर्ता खुद जाकर मूर्ति हटा देंगे, और इस दौरान संभावित संघर्ष के लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा।इधर कांग्रेस की चेतावनी ओर उधऱ प्रशासन के अल्टीमेटम के कुछ घण्टे पूर्व भारी पुलिस बल दौलतगंज पहुंचा और किसी भी सम्भावित टकराव को टालने के उद्देश्य से नाथूराम गोडसे की मूर्ति को जब कर लिया।उधर इस मामले में हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयवीर भारद्वाज ने शब्दशक्तिन्यूज़ से बातचीत में कहा कि नाथूराम गोडसे की प्रतिमा स्थापित करने के पीछे एकमात्र उद्देश्य अखण्ड भारत की परिकल्पना को जीवित रखना और नई पीढ़ी तक इसे पहुंचाना है और इस उद्देश्य में हम कामयाब रहे है। आगे भी इस उद्देश्य के लिए संघर्ष करते रहेंगे।
जिले के कलेक्टर राहुल जैन ने बताया, ‘हमारे भेजे गये नोटिस का हमें संतोषजनक जवाब नहीं मिला. इसलिए आज दोपहर हमने हिन्दू महासभा के लोगों को इस प्रतिमा को एक घंटे के अंदर हटाने की समय-सीमा दी थी.’ उन्होंने कहा, ‘समय-सीमा देने के बाद उन्होंने हमें कोई जवाब नहीं दिया. इसलिए आज शाम को हमने इस अर्द्ध-प्रतिमा को जब्त कर लिया.’ जैन ने बताया, ‘हमने उन्हें मध्यप्रदेश सार्वजनिक स्थल (धार्मिक भवन एवं गतिविधियों का विनियमन) अधिनियम के तहत नोटिस जारी किया था.’