बॉलीवुड की ड्रीम गर्ल यानी हेमा मालिनी ने अपनी एक्टिंग से लोगों के दिलों में खास जगह बनाई है। उनके काम को बहुत पसंद किया गया। हेमा फिल्मों से लेकर अपने पॉलिटिकल करियर में सफल रहीं। आज वह फैमिली के साथ अपना 72वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रही हैं। इस खास मौके पर उस दिलचस्प कहानी के बारे में जानते हैं जिसके बाद उन्हें ड्रीम गर्ल कहा जाने लगा।
हेमा ने साल 1968 में फिल्म सपनों का सौदागर से बॉलीवुड डेब्यू किया था। इसमें राज कपूर लीड हीरो थे। फिल्म के प्रोड्यूसर अनंत स्वामी थे। बताया जाता है कि मेकर्स, फिल्म के लिए बज बनाना चाहते थे और इसके लिए वह एक वन लाइनर ढूंढ रहे थे। काफी सोचने के बाद अनंत स्वामी को आइडिया आया और उन्होंने हेमा की फोटो के नीचे Raj Kapoor’s Dream Girl (राज कपूर की ड्रीम गर्ल) लिख दिया। उन्हें लगा कि शायद इससे फिल्म को लेकर दर्शकों की रुचि बढ़ेगी। उस वक्त हेमा मालिनी 16 साल की थीं।
बॉलीवुड की खूबसूरत एक्ट्रेस हेमा मालिनी जिन्हें लोग ड्रीम गर्ल के नाम से भी जानते हैं, ने फिल्मी दुनिया में अच्छा-खासा नाम कमाया है। हेमा, सिर्फ अच्छी एक्ट्रेस ही नहीं बल्कि वह अच्छी लेखिका, फिल्म-निदेशक, नृत्यांगना और राजनेता भी है। वर्तमान में वह मथुरा (उत्तर प्रदेश) से भारतीय जनता पार्टी की लोकसभा की सांसद हैं।
उन्होंने राज कपूर की फिल्म ‘सपनों का सौदागर’ से अपने करियर की शुरुआत की और लगभग 4 दशक के करियर में उन्होंने कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया लेकिन बॉलीवुड में पैर जमाना उनके लिए आसान नहीं था। इसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की।
अगर बात हेमा के फिल्मी करियर की करें तो वो फिल्मों में काम नहीं करना चाहती थीं क्योंकि उन्हें डांस से बेहद प्यार था और इस गुण में माहिर भी। मगर साउथ के बड़े प्रोड्यूसर सीवी श्रीधर ने एक बार हेमा को परफॉर्म करते देखा था, बस तभी उन्होंने अपनी फिल्म में उन्हें साइन करने का मन बना लिया लेकिन इसके लिए उन्होंने हेमा के सामने एक शर्त रखी थी कि उन्हें अपना नाम बदलकर सुजाता रखना पड़ेगा। दरअसर, सीवी का मानना था कि हेमा मालिनी का नाम काफी पुराने स्टाइल का है। मगर हेमा ने इस फिल्म में अपनी दिलचस्पी नहीं दिखाई।
दरअसल, फिल्मों में काम के लिए हेमा के पिता सख्त खिलाफ थे लेकिन उनकी मां जया चक्रवर्ती ने कहा- एक बार करने में क्या हर्ज है। बता दें कि जया खुद भी फिल्म प्रोड्यूसर थीं। मां की बचपन से ही हेमा पर पकड़ थी और उनके तकरीबन सभी फैसले वहीं लेते थी, तो उनके कहने पर हेमा ने फिल्म के लिए हां कर दीं लेकिन उन्हें फिल्म से निकाल दिया गया। दरअसल तमिल निर्माता-निर्देशक श्रीधर ने यह कहते हुए फिल्म से मना किया था कि उनमें स्टार अपील नहीं है। यह बात हेमा को काफी चुभ गई। अब बस हेमा किसी तरह फिल्म में काम करना चाहती थी।
उसी समय राज कपूर को अपनी नई फिल्म के लिए एक साउथ एक्ट्रेस की तलाश थी। राज कपूर ने अपनी फिल्म ‘सपनों का सौदागर के लिए हेमा को साइऩ कर लिया। हेमा की एक्टिंग देखकर राज साहब ने कहा था कि ये लड़की इंडियन सिनेमा की अगली सुपरस्टार बनेगीं।
बस वहीं से मिला हेमा को स्टारडम। राजकपूर की फिल्म (सपनों का सौदागर) से ही उन्हें ड्रीम गर्ल नाम मिला था हालांकि फिल्म इतनी सफल नहीं रही थी लेकिन हेमा मालिनी के काम को फैंस ने खूब पसंद किया।
एक किस्सा ऐसा भी है जब एक बड़ी फिल्म की हीरोइन अपने ही फिल्म प्रीमियर पर हेमा से ऑटोग्राफ लेने पहुंच गई, वो बड़ी हीरोइन कोई ओर नहीं बल्कि डिंपल कपाड़िया थीं, बाद में जिनसे राज कपूर की पत्नी कृष्णा ने उन्हें मिलवाया। इसके बाद हेमा और डिंपल की दोस्ती काफी गहरी हो गई।
बात अगर हेमा और धमेंद्र की लव स्टोरी की करें तो… वो भी काफी फिल्मी है।
हेमा मालिनी से 13 साल बड़े धमेद्र ने शादी की। दरअसल, 1970 में फिल्म शराफत और तुम हसीन मैं जवां की बदोलत धर्मेंद्र और हेमा मालिनी पहली बार स्क्रीन पर साथ आए। इसके बाद दोनों की बीच अफेयर की खबरें आने लगी। 1970 के बाद लगातार हेमा और धर्मेंद्र एक साथ फिल्में करते रहे और दोनों का प्यार परवान चढ़ता रहा। मगर धर्मेंद्र पहले से शादीशुदा थे और दूसरी शादी करना उनके लिए धर्म के विरुद्ध था। धर्मेंद्र अपनी पत्नी प्रकाश से अलग नहीं होना चाहते थे, वहीं हेमा मालिनी भी साउथ इंडियन परिवार से थीं। धर्मेंद्र ने मुस्लिम धर्म कबूल कर हेमा मालिनी से शादी करने का फैसला किया और उन्होंने अपना नाम बदलकर दिलावर खान रख लिया। मगर हेमा से शादी पहले धर्मेंद्र ने एक शर्त रखी कि शादी के बाद वो अपनी पहली पत्नी प्रकाश, बच्चों और परिवार को नहीं छोड़ेंगे। हेमा ने उनकी शर्त मान ली और 1979 में दोनों ने शादी कर ली।
शादी के बाद धर्मेंद्र की पत्नी और बच्चों में दिक्कत होना लाजिमी था लेकिन उनकी दोनों फैमिलीज़ ने इन चीज़ों को बहुत ही ग्रेसफुली हैंडल किया। हालांकि, दोनों फैमिलीज में अच्छे रिलेशन ना होने की खबरें तो काफी आईं लेकिन उनसे जुड़ा किसी भी तरह का कोई विवाद पब्लिक में कभी साबित नहीं हो सका। वहीं हेमा की एक निर्देशित फिल्म में सनी ने उनसे बातचीत भी की थी।
अगर बात उनके अचीवमेंट की करें तो हेमा अपने फिल्मी करियर में अब तक कई पुरस्कारों से नवाजी जा चुकी हैं। हेमा को साल 2000 में भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है। इसके अलावा वो फिल्म फेयर के लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से भी नवाजी जा चुकी हैं।
फिल्म के लिए यह एक स्टंट की तरह था, जो कुछ खास काम नहीं आया। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर औसत बिजनेस किया। लेकिन फिल्म में हेमा के काम को बहुत पसंद किया गया। फिल्म की रिलीज के बाद मीडिया और फैन्ह हेमा को ‘ड्रीम गर्ल’ कहकर बुलाने लगे। इसके बाद हेमा मालिनी को दिए गए टैग ड्रीम गर्ल के नाम से भी फिल्म बनी, जिसमें उन्होंने धर्मेंद्र के साथ काम किया था। इस फिल्म का निर्देशन प्रमोद चक्रवर्ती ने किया था। इस फिल्म का टाइटल ट्रैक ड्रीम गर्ल काफी पॉप्युलर हुआ था।