अधिकमास अमावस्या 16 अक्तूबर को है। इस दिन पुरूषोत्तम मास समाप्त हो जाएगा और फिर अगले दिन आश्विन शुक्ल की प्रतिपदा से शारदीय नवरात्रि शुरू हो जाएगी। अधिकमास 18 सितंबर से शुरू हुआ था। अधिक मास का महीना 3 साल में एक बार आता है। जिसके कारण यह अमावस्या बहुत ही खास है। अमावस्या पर कुछ कार्यों को नहीं करना चाहिए। दरअसल, इस दिन इन कार्यों को अशुभ माना जाता है। आइए जानते हैं अधिकमास की अमावस्या पर कौन से कार्य नहीं करने चाहिए।
अमावस्या पर भूत-प्रेत, पितृ, पिशाच, निशाचर जीव-जंतु और दैत्य ज्यादा सक्रिय रहते हैं। इसकी वजह से हमारे चारो ओर नकारात्मक शक्तियां सक्रिय हो जाती है इसलिए अमावस्या की रात को किसी सुनसान जगह पर जाने से बचना चाहिए खासतौर पर श्मशान की तरफ तो कभी भूलकर भी नहीं जाना चाहिए
अमावस्या पर भूत-प्रेत, पितृ, पिशाच, निशाचर जीव-जंतु और दैत्य ज्यादा सक्रिय रहते हैं। इसकी वजह से हमारे चारो ओर नकारात्मक शक्तियां सक्रिय हो जाती है इसलिए अमावस्या की रात को किसी सुनसान जगह पर जाने से बचना चाहिए खासतौर पर श्मशान की तरफ तो कभी भूलकर भी नहीं जाना चाहिए