Homeदेशकेरल तमिलनाडु में ओखी तूफान से अफरा तफरी,9 की मौत

केरल तमिलनाडु में ओखी तूफान से अफरा तफरी,9 की मौत

चक्रवाती तूफान ‘ओखी’ का असर तमिलनाडु और केरल के कोस्टल इलाके में ज्यादा हुआ है। तमिलनाडु में 5 लोगों की मौत हुई जबकि 22 मछुआरे लापता हैं। इसके अलावा 62 मकान पूरी तरह तबाह हो गए हैं। 240 घरों को हल्का नुकसान हुआ है। सरकार ने 16 रिहैबिलटेशन सेंटर बनाए हैं। इनमें 1044 लोग मौजूद हैं। केरल में 4 लोगों की मौत हुई है। केरल और लक्षद्वीप के बीच समंदर में करीब 80 मछुआरों के फंसे होने की खबर है। शुक्रवार को नेवी और कोस्ट गार्ड्स ने त्रिवेंद्रम के पास फंसे 59 मछुआरों को रेस्क्यू किया। माना जा रहा है कि ओखी शनिवार को लक्षद्वीप से टकरा सकता है।

 नेवी के मुताबिक, दो AN32 एयरक्राफ्ट्स ने समंदर में करीब 25 लोगों को फंसे देखा है। इनकी लोकेशन की जानकारी कोस्ट गार्ड्स और नेवी को दी गई है। राहत और बचाव के सामन के साथ दो शिप लक्षद्वीप में स्टैंडवाई पर रखे गए हैं।

– कोच्चि से नेवी के 5 शिप रेस्क्यू के लिए रवाना किए गए हैं। सर्च ऑपरेशन में नेवी, एयरफोर्स और कोस्ट गार्ड्स के एयरक्राफ्ट्स की मदद ली जा रही है। नेवी के एक हेलिकॉप्टर के जरिए त्रिवेंद्रम से 20 नॉटिकल मीट दूर एमवी एनर्जी ओर्फियस के पास 8 लोगों को निकाला गया।

केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने कहा कि ‘ओखी’ तूफान के बारे में हैदराबाद से स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट डिपार्टमेंट को अलर्ट मिला था। इसे वक्त पर सरकार तक नहीं भेजा गया। यह डिपार्टमेंट की गंभीर लापरवाही है।  तूफान से प्रभावित इलाकों में एनडीआरएफ की टीमें भेजी गई हैं। अगर हालात बिगड़ते है तो स्टैंडबाई पर रखी गई और टीमों को भेजा जाएगा। होम मिनिस्ट्री हालात पर बारीकी से नजर रख रही है।

उधर, केरल पुलिस ने कहा कि समंदर में फंसे मछुआरों का सटीक आंकड़ा उनके पास नहीं है, लेकिन ये संख्या करीब 80 के आसपास हो सकती है।

– मछुआरों की फैमिली का आरोप है कि केरल सरकार की ओर से उन्हें तूफान की कोई चेतावनी नहीं दी

वेदर डिपार्टमेंट ने कहा है कि शुक्रवार को सैटेलाइट इमेज और राडार से मिली जानकारी के मुताबिक ‘ओखी’ साउथ-ईस्ट अरब सागर में 25 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है।

– इसके पहले रीजनल वेदर डिपार्टमेंट के डायरेक्टर ने बताया, ”बुधवार को बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी इलाके में बना दबाव क्षेत्र गुरुवार सुबह तक बढ़ते हुए तूफान में बदल गया। सुबह 8.30 बजे कन्याकुमारी में हवाओं की रफ्तार 70-75 Kmph रिकॉर्ड की गई।”  न्यूज एजेंसी के मुताबिक, साइक्लोन ‘ओखी’ से तमिलनाडु के दक्षिणी जिलों में ज्यादा नुकसान हुआ है। वेदर डिपार्टमेंट ने कहा कि गुरुवार को 65 से 75 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं। आंधी की चपेट में आने से कई पेड़, इलेक्ट्रिक पोल धारासाई हो गए। कुछ इमारतों को भी नुकसान हुआ।कन्याकुमारी, तूतिकोरिन और रामनाथपुरम समेत राज्य के कोस्टल इलाकों में अगले 24 घंटे तक मछुआरों को समंदर में नहीं जाने की सलाह दी गई है। वेदर डिपार्टमेंट की मानें तो कोयंबटूर, पुड्डुचेरी और चेन्नई में भी तेज बारिश हो सकती है।वेदर डिपार्टमेंट के डायरेक्टर ने बताया कि तूफान को ‘ओखी’ नाम बांग्लादेश ने दिया है। आगे इसके अरब सागर में बढ़ने के आसार हैं। फिलहाल, जो संकेत मिल रहे हैं उसके आधार पर ‘ओखी’ को खतरनाक माना जा रहा हैअर्थ साइंस मिनिस्ट्री के सेक्रेटरी, माधवन राजीवन ने गुरुवार को कहा, ”तूफान अब अरब सागर के साउथ में आगे बढ़ रहा है। 2 दिसंबर तक इसके लक्षद्वीप पहुंचने की आशंका है, लेकिन इसके पहले शुक्रवार से यहां भारी बारिश और तेज हवाएं चलनी शुरू हो जाएंगी।”

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