अपना पुराना समय और अपने पुराने साथी को भूल जाना ही साफ शब्दों में एहसान फरामोशी कहा जाता है .जिस भारत ने उन्हें अपना लहू बहा कर आज़ादी दिलाई उन अंतहीन अत्याचारों से वो समय बदलते ही वही अत्याचार उन पर करने लगे जो उनके मुक्तिदाता थे.. वो पाकिस्तान का कुछ नही बिगाड़ पाए लेकिन उन्होंने मुक्ति पाते ही शुरू कर दिया हिंदुओं का नरसंहार..यहां बात चल रही इस्लामिक मुल्क बंगलादेश की जो पाकिस्तान से अलग हो कर केवल भारतीय सेना के दम पर बना था एक आज़ाद मुल्क ..
भारत और पाकिस्तान के विभाजन जैसा झटका ही एक बार पूर्वी पाकिस्तान के अलग होने पर पाकिस्तान को भी लगा था। साल 1970 तक आते-आते पाकिस्तान के दोनों धड़ों में इतना विवाद हो चुका था कि पूर्वी पाकिस्तान ने पश्चिमी पाकिस्तान से अलग होने का फैसला कर लिया। पश्चिमी पाकिस्तान की क्रूरता और हिंसा के बावजूद उसका विभाजन हो गया। सवाल ये उठता है कि आखिर वो क्या वजह रही जिसके चलते पाकिस्तान की राजधानी ढाका ना होकर कराची को बनाया गया।