केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर की माँ के निधन पर शोक व्यक्त करने राजनाथ सिंह अज ग्वालियर आये थे
थेग्वालियर। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का कहना है कि रक्षा के क्षेत्र में रक्षा अनुसंधान एवं विकास स्थापना यानी डीआरडीई का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है । और इसकी सार्वजानिक तौर पर चर्चा नहीं की जा सकती। वे ग्वालियर के एक दिवसीय दौरे के दौरान DRDE के निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि DRDE में होने वाले रक्षा संबंधी अनुसंधान हमारे जवानों की असली ताकत है।
केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर की माँ के निधन पर शोक व्यक्त करने राजनाथ सिंह अज ग्वालियर आये थे। उन्होंने श्री तोमर के घर आर्य नगर मुरार पहुंचकर उनकी माँ शारदा देवी के चित्र पर पुष्प अर्पित किये। इससे पूर्व वे रक्षा अनुसन्धान एवं विकास स्थापना यानि DRDE पहुंचे । उन्होंने लेब का निरीक्षण किया उसके बाद अधिकारियों और वैज्ञानिकों के साथ बैठक की और उनके साथ अंदर होने वाले अनुसंधान पर चर्चा भी की। बाद में पत्रकारों से चर्चा करते हुए राजनाथ ने कहा कि हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच के द्वारा 28 मार्च को DRDE के आसपास 200 मीटर की परिधि में बने निर्माणों को तोड़ने के आदेश पर कहा कि इसके बारे में सरकार ने एसएलपी सुप्रीम कोर्ट में दायर की है वहीं जिला प्रशासन ने कैबिनेट में जगह शिफ्टिंग के लिए प्रस्ताव भेजा है। इसके अलावा रक्षा मंत्री के तौर पर वह भी कोशिश करेंगे क्या आसपास के निर्माणों को कम से कम नुकसान हो और दूरी कितनी कम की जा सकती है इस पर भी वे रक्षा मंत्रालय और उसके अधिकारियों से चर्चा करेंगे, रक्षा मंत्री करीब 2 घंटे तक DRDE में रहे।
पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि इस लेब को देखने का सौभाग्य मुझे पहली बार मिला है। यहाँ जो अनुसंधान हो रहे है वो अद्भुत हैं। उन्होंने कहा कि यहाँ के वैज्ञानिकों के देश के लिए किये जा रहे योगदान की सार्वजानिक तौर पर चर्चा नहीं की जा सकती। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वायु और कैमिकल टेरेरिस्ट को भी नजर अंदाज नहीं किया जा सकता लेकिन हमारे वैज्ञानिक और सेना हर तरह से मुकाबला करने के लिए तैयार है और सक्षम है।