रूस ने कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने का दावा किया है। इस दावे पर खुद राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी मुहर लगा दी है। उन्होंने इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि स्वास्थ्य मंत्री ने कोरोना वैक्सीन की मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि ये दुनिया की पहली वैक्सीन होगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी बेटी को वैक्सीन का पहला इंजेक्शन दिया गया है। पुतिन ने कहा, ‘मैंने अपनी दो बेटियों में से एक को पहला टीका लगवाया और वह बेहतर महसूस कर रही है।’ रूस ने जिस वैक्सीन को कोरोना के लिए विकसित किया है उसके लगाने पर बुखार आएगा लेकिन कोरोना से छुटकारा मिल जाएगा। गामालेया नेशनल रिसर्च सेंटर के निदेशक एलेक्जेंडर गिंट्सबर्ग का कहना है ऐसा इम्युनिटी बढ़ने के चलते होता है लेकिन पैरासिटामॉल लेने के बाद बुखार ठीक हो जाएगा।
स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से बताया गया कि भारत में तीन प्रकार की वैक्सीन पर काम चल रहा है। तीनों वैक्सीन अभी ट्रायल फेज में हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने बताया कि वैक्सीन को लेकर एक एक्सपर्ट की टीम गठित की गई है जिसकी बैठक बुधवार को होगी। इस दौरान यह भी तय किया जाएगा कि रूस की वैक्सीन भारत के लिए उचित है या नहीं। इस दौरान इस बात पर भी चर्च की जाएगी कि किस तरह से इस वैक्सीन को भारत लाया जाए और इसकी वितरण प्रणाली क्या होगी।