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चम्बल से केवल 150 MLD पानी लाने की योजना पर सांसद ने उठाई आपत्ति कहा इससे नहीं होगा समस्या का स्थाई समाधान

 

उन्होंने याद दिलाया कि इस संबंध में नगर पालिक निगम ग्‍वालियर द्वारा पारित ठहराव क्रं. 142 दि. 17/09/2018 परिषद के ठहराव अनुसार ही करना चाहिए समाधान

ग्वालियर / चम्बल से ग्वालियर की पेयजल आपूर्ति हेतु पानी लाए जाने की महत्वाकांक्षी योजना को लेकर एकबार पुनः भृम की स्थिति पैदा हो गई है इस पर अभी चर्चा शुरू ही हुई थी की ग्वालियर के सांसद विवेक शेजवलकर ने आयुक्त को पत्र लिखकर  अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा है की नगर निगम ग्‍वालियर की पेयजल समस्‍या के स्‍थायी के समाधान हेतु चम्‍बल नदी से कम से कम 250 MLD जल तिघरा में लाने की योजना क्रियान्वित किये जाने की आवश्‍यकता है भविष्‍य को दृष्टिगत रख चम्‍बल नदी से मात्र 150 MLD जल प्राप्‍त करने हेतु योजना बनाने से समस्‍या का स्‍थायी हल नहीं होगा। उन्होंने याद दिलाया कि इस संबंध में नगर पालिक निगम ग्‍वालियर द्वारा पारित ठहराव क्रं. 142 दि. 17/09/2018 परिषद का भी यही ठहराव था।

श्री शेजवलकर द्वारा आयुक्त को लिखा पत्र इस प्रकार है।

आयुक्‍त‚
नगर निगम ग्‍वालियर

समाचार पत्रों के प्रकाशित समाचारों द्वारा ज्ञात हुआ कि चम्‍बल से पानी लाने की योजना पर पुन: एक बार मंथन प्रारंभ हुआ है।

इस संबंध में नगर पालिक निगम ग्‍वालियर द्वारा पारित ठहराव क्रं. 142 दि. 17/09/2018 की फोटोप्रति संलग्‍न कर रहा हूं। आगामी समय में वर्ष 2051 तक नगर को पेयजल आपूर्ति हेतु प्रशासनिक योजना के अनुसार प्रतिदिन 466 MLD जल की आवश्‍यकता आंकी गई है। इस मात्रा में से 40 MLD जल की आपूर्ति रीसायकल द्वारा व शेष 426 MLD की आवश्‍यकता चम्‍बल नदी से 146 MLD जल प्राप्‍त कर व शेष वर्तमान स्‍त्रोतों‚ अपर ककैटो‚ ककैटो व पहसारी जलाशयों से प्राप्‍त करना प्रस्‍तावित किया गया था।
वर्तमान में तिघरा जलाशय के अलावा अपर ककैटो‚ ककैटो व पहसारी जलाशयों से नहर द्वारा तिघरा जलाशय में पानी लाया जा रहा है। प्रस्‍तावित योजना के अनुसार पेयजल आपूर्ति हेतु इन जलाशयों से प्रतिवर्ष 1935 MCFT (150 MLD) जल की मात्रा तिघरा जलाशय में लाना प्रस्‍तावित है। इन जलाशयों से इनके पूर्ण क्षमता से भरा होने पर भी लॉसेस के पश्‍चात मात्र 1731 MCFT जल की मात्रा नहर द्वारा तिघरा जलाशय में आ सकेगा।
भविष्‍य की योजना के अनुसार वर्ष 2051 में भी ग्‍वालियर की पेयजल व्‍यवस्‍था तिघरा‚ अपर ककैटो‚ ककैटो व पहसारी जलाशयों पर निर्भर रहेगी। कुल मांग 5472 MCFT (426 MLD) में से चम्‍बल से मात्र 1861 MCFT (146 MLD) की पूर्ति किया जाना प्रस्‍तावित है। यह मान लिया गया है कि प्रतिवर्ष वर्षाकाल में यह सारे जलाशय अपनी पूर्ण क्षमता तक भर जायेंगे। प्रतिवर्ष घटती जा रही वर्षा के चलते वर्ष 2051 में वर्तमान स्‍त्रोतों से अपर ककैटो‚ तिघरा‚ ककैटो व पहसारी जलाशयों से नहर दवारा 3611 MCFT (280 MLD) जल की आपूर्ति असंभव प्रतीत होती है।

अत: भविष्‍य को दृष्टिगत रख चम्‍बल नदी से मात्र 150 MLD जल प्राप्‍त करने हेतु योजना बनाने से समस्‍या का स्‍थायी हल नहीं होगा। चम्‍बल से प्राप्‍त 150 MLD जल से वर्तमान में अमृत योजना के तहत जलालपुर‚ ग्‍वालियर में निर्मित किये जा रहे 165 MLD क्षमता के वाटर ट्रीटमेन्‍ट प्‍लान्‍ट के लिये भी पर्याप्‍त जल की आपूर्ति संभव नहीं है। प्रस्‍तावित योजना के क्रियान्‍वयन के पश्‍चात भी ग्‍वालियर की पेयजल व्‍यवस्‍था पूरी तरह वर्तमान जल स्‍त्रोतों पर ही निर्भर रहेगी‚ जिनकी क्षमता निरन्‍तर घट रही है और अनिश्चित है। अत: नगर निगम ग्‍वालियर की पेयजल समस्‍या के स्‍थायी के समाधान हेतु चम्‍बल नदी से कम से कम 250 MLD जल तिघरा में लाने की योजना क्रियान्वित किये जाने की आवश्‍यकता है। परिषद का भी यही ठहराव था।
जहां तक अन्‍य स्‍त्रोतों अपर ककैटो‚ ककैटो व पहसारी जलाशयों से तिघरा जलाशय में नहर के द्वारा जल परिवहन का प्रश्‍न है अत्‍यधिक लॉसेस के चलते परियोजना में प्रस्‍तावित 1935 MCFT जल की मात्रा तिघरा जलाशय में आना लगभग असंभव है।
पूर्व में म.प्र. शासन ने ककैटो से तिघरा जलाशय तक पाईप लाईन बिछाने हेतु प्रस्‍ताव को प्रशासनिक स्‍वीकृति दी थी। इस पाईप लाईन के द्वारा ककैटो जलाशय से तिघरा जलाशय तक परिवहन लॉसेस वर्तमान में 50 से 60 प्रतिशत के स्‍थान से घट कर लगभग शून्‍य होंगे व 800 से 1000 MCFT जल की अतिरिक्‍त मात्रा इन जलाशयों से प्राप्‍त हो सकेगी। गत् दिनों जब ग्‍वालियर में घोर पेयजल संकट व्‍याप्‍त हुआ था तब ककैटो व पहसारी जलाशयों से करोडों रूपये का व्‍यय कर इन जलाशयों के डेड स्‍टॉरेज को पम्‍पों द्वारा लिफ्ट कर नहर के माध्‍यम से तिघरा जलाशय पहुंचाया गया था। ककैटो जलाशय से तिघरा जलाशय तक पाईप लाईन के निर्माण के बाद इन जलाशयों का लगभग 2300 MCFT डेड स्‍टॉरेज भी आपातकाल में बिना किसी अतिरिक्‍त व्‍यय के तिघरा जलाशय में लाया जा सकेगा।
ग्‍वालियर की पेयजल व्‍यवस्‍था हेतु उपलब्‍ध जल स्‍त्रोतों से आवश्‍यकतानुसार पेयजल प्राप्‍त करने हेतु यह पाईप लाईन अत्‍यंत आवश्‍यक है। जब हमारी निर्भरता इन्‍ही स्‍त्रोतों पर है तब हमें परिवहन लॉस कम कर इन्‍हीं स्‍त्रोतों से तिघरा जलाशय में अधिक से अधिक जल उपलब्‍ध करान को प्राथमिकता देने की आवश्‍यकता है। पाईप लाईन द्वारा ग्रेविटी से जल तिघरा जलाशय में आने के कारण परिवहन व्‍यय भी लगभग शून्‍य होगा।
आपसे अनुरोध है चम्‍बल से तिघरा जलाशय में जल प्राप्‍त करने प्रस्‍तावित योजना के साथ ककैटो जलाशय से तिघरा हेतु पाईप लाईन की योजना को आगे बढायें। पाइप लाइन के बिना अपर ककैटो, ककैटो व पहसारी जलाशयों से ग्‍वालियर नगर हेतु प्रस्‍तावित जल आपूर्ति संभव नहीं है।
इस संबंध में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर इस योजना के क्रियान्‍वयन हेतु पहल करने की आवश्‍यकता है। इस हेतु पूर्व में बनाई गई डी.पी.आर. में आवश्‍यक संशोधन कर इसे स्‍वीकृत कराने हेतु आवश्‍यक कार्यवाही करें।

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