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ग्वालियर को विश्व संगीत पटल पर नई पहचान दिलाने “युनेस्को क्रियेटिव सिटीज नेटवर्क” हेतु प्रयास तेज

अगले वर्ष विश्व संगीत दिवस का अलग ही महत्व होगा ग्वालियर को विश्व संगीत पटल पर मिलेगी नई पहचान


21-जून-2021 – देश विदेश में मध्यप्रदेश को ऐतिहासिक औऱ संगीत की नगरी के रुप में पहचाना जाता है अब ऐतिहासिक शहर ग्वालियर के शास्त्रीय संगीत व ध्रुपद को विश्वव्यापी पहचान देने की तैयारियां स्मार्ट सिटी व नगर निगम द्वारा पिछले कुछ समय में ज़ोरों से की गईं हैं। मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा ग्वालियर शहर को इस वर्ष “युनेस्को क्रियेटिव सिटीज नेटवर्क” में संगीत के क्षेत्र में सम्मिलित करने हेतु आवेदन केन्द्र को प्रस्तुत किया गया है।

इस माह के अंत में केंद्र सरकार द्वारा आवेदन यूनेस्को भेजा जाएगा। सितम्बर अंत तक मूल्यांकन उपरांत नवम्बर माह में परिणाम घोषित होने की सम्भावना है। ग्वालियर स्मार्ट सिटी सी॰ई॰ओ॰ ने विश्व संगीत दिवस के उपलक्ष पर बताया कि ग्वालियर शहर और संगीत का नाता बहुत पुराना है तथा ग्वालियर को संगीत सम्राट तानसेन की नगरी के रूप में ख्याति प्राप्त है।

स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह ने जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर शहर को संगीत की नगरी के रुप में पहचान दिलाने के उदेश्य से स्मार्ट सिटी द्वारा शुरु से ही विभिन्न तरह के प्रयास किये जा रहे है ताकि शहर की विरासत और संगीत को देश विदेश में पहचान मिल सके। यूनेस्को में किसी भी शहर को सिटी ऑफ म्यूजिक में शामिल करने के लिए सात प्रकार के गुर देखे जाते हैं। इनमें संगीत का निर्माण और एक्टीविटी, म्यूजिकल फेस्टीवल और इवेंट का अनुभव होना चाहिए। संगीत विद्यालय और महाविद्यालय होने चाहिए। म्यूजिक इंडस्ट्रीज को प्रचारित किया गया हो। अनऔपचारिक शिक्षा केंद्र, स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय प्लेटफार्म जहां कार्यक्रम आयोजित हो सकें। श्रीमती सिंह नें बताया कि इन मानको के हिसाब से ग्वालियर शहर संगीत के क्षेत्र में काफी समृद्ध है, इसकी अपनी एक संगीत विधा औऱ शैली है। शहर की इस पहचान को अंतरराष्ट्रीय मंच में स्थान मिल सके उसके लिये ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा शहर में कई कार्य किये जा रहे है। ज्ञात हो कि ग्वालियर शहर में संगीत की गतिविधियां औऱ इससे जुडी जानकारीयो का आदानप्रदान लगातार होता रहे इसके लिये ग्वालियर स्मार्ट सिटी ने शहर की शासकीय दीवारों पर संगीत से जुड़ी वॉल आर्ट सहीत स्मार्ट सिटी द्वारा निर्मित डिजीटल म्यूजियम में एक अलग गैलरी के माध्यम से संगीत की विस्तृत जानकारियो को उपलब्ध कराया गया है वही महाराज बाडा स्थिती टाउन हॉल भी बनकर तैयार है जो संगीत गतिविधियो के लिये आदर्श जगह है।

संस्कृति विभाग, ग्वालियर स्मार्ट सिटी, ग्वालियर नगर निगम, पर्यटन विभाग व संगीत विशेषज्ञों के द्वारा समनवय स्थापित कर ग्वालियर में संगीत सम्बन्धी गतिविधियों को बढ़ावा देने की भी योजना बनाई जा रही है। कोरोना अनुरूप व्यवहार के अनुसार इन कार्यक्रमों का आयोजन आगामी भविष्य में देखने को मिलेगा।

यूनेस्को में शामिल होने से यह होगा फायदा-
यूनेस्को के सिटी ऑफ म्यूजिक में शामिल हो जाने के बाद शहरवासियों को काफी फायदा होगा, क्योंकि इससे ग्वालियर में पर्यटकों के आने का सिलसिला बढ़ जाएगा। पर्यटन से शहरवासियों के आय के साधनों में भी बढ़ोत्तरी होगी। साथ ही शास्त्रीय संगीत को प्यार करने वाले ग्वालियर में इस विद्या को हासिल करने के लिए आएंगे। क्योंकि ग्वालियर में कई संगीत घराने हैं, साथ ही यहां पर संगीत महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय भी हैं।

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