मुख्यमंत्री महाकाल के दर्शन करने,दर्शनार्थियों की भारी भीड़
उज्जैन में महाकाल मंदिर के बाहर उमड़ी भक्तों की भीड़ देखकर सबके लिए प्रवेश सुबह 11 बजे तक के लिए फ्री कर दिया गया है। श्रद्धालु की भीड़ बैरिकेड्स गिरा कर दर्शन के लिए मंदिर में प्रवेश कर गई। 11 बजे के बाद मंदिर में श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद कर दिया गया। शाम 4 बजे महाकाल की सवारी निकलेगी, जो वापस मंदिर 6 बजे आएगी। शाम 7 से 9 बजे तक श्रद्धालु फिर से दर्शन कर सकेंगे।
मंदिर में कोरोना महामारी के कारण सावन महीने में प्री-बुकिंग पर सिर्फ 5,000 लोगों को प्रवेश देना तय हुआ था, लेकिन सोमवार सुबह 11 बजे तक 15 हजार से ज्यादा श्रद्धालु महाकाल के दर्शन कर चुके थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी सपरिवार महाकाल की पूजा की।
सीएम शिवराज ने कहा, आज भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन में श्रावण माह के प्रथम सोमवार को प्रभु के दर्शन और पूजन के लिए आया हूं। भगवान महाकाल से प्रार्थना है कि वे हमें सभी विपत्तियों से लड़ने की शक्ति दें। मध्यप्रदेश और देश का कल्याण करें। सभी जीवों का कल्याण करें। सबके जीवन में सुख-समृद्धि लाएं और सबकी मनोकामनाएं पूरी करें।
उज्जैन: महाकाल सभी को दे रहे दर्शन
तड़के 3 बजे मंदिर के पट खुलने के बाद भस्म आरती हुई। आरती में आम श्रद्धालुओं को प्रवेश नहीं मिला। भस्म आरती के दौरान सिर्फ पंडे-पुजारी ही गर्भगृह में रहे। बाबा महाकाल का भांग और चंदन से श्रृंगार किया गया। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ दर्शन के लिए उमड़ पड़ी। इसकी वजह से मंदिर में सभी के लिए 11 बजे तक खोल दिया गया। इस दौरान भीड़ इतनी जुट गई कि लोग बैरिकेड्स गिराकर मंदिर में प्रवेश कर गए।
मंदिर प्रबंध समिति ने लाइव दर्शन की भी व्यवस्था की। www.mahakaleshwar.nic.in और यू-ट्यूब पेज
महाकाल में शीघ्र दर्शन के काउंटर बंद
26 जुलाई, 02 अगस्त, 09 अगस्त, 16 अगस्त, 23 अगस्त, 30 अगस्त और 06 सितंबर को महाकाल के दर्शन सुबह 6 बजे से 11 बजे तक प्री-बुकिंग से ही होंगे। इस अवधि में 250 रुपए वाले शीघ्र दर्शन के काउंटर बंद रहेंगे।
सोमवार सुबह से ही अचलेश्वर, कोटेश्वर, गुप्तेश्वर, मारकंडेश्वर शिव मंदिर सहित अन्य शिवमंदिरों में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रही। इसके लिए मंदिर प्रबंधन ने पहले से ही तैयारियां पूरी कर ली थीं।
कोविड के कारण 5 यांत्रिक जलपात्रों से भक्तगण कर रहे हैं अचलेश्वर बाबा का अभिषेक
अचलेश्वर मंदिर पर भक्त गर्भगृह तक नहीं जा सके, लेकिन यांत्रिक जल पात्र से वह शिवजी का जल अभिषेक जरूर कर सके। श्री अचलेश्वर सार्वजनिक न्यास के अध्यक्ष हरीदास अग्रवाल ने बताया कि मंदिर के गर्भगृह में श्रद्धालुओं को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं को बाहर से ही दर्शन करवा रहें हैं, लेकिन उनका जल अचलेश्वर महादेव तक पहुंच रहा है। इसके लिए 5 यांत्रिक जल पात्र लगाए गए हैं, इनमें श्रद्धालु जल चढ़ा रहे हैं तो वह सीधे शिवलिंग तक पहुंच रहा है। उससे पहले सोमवार सुबह हरिद्वार से लाए गए गंगाजल से अचलेश्वर महादेव का अभिषेक किया गया।
गुप्तेश्वर, कोटेश्वर मंदिर में बेलपत्र चढ़ा सके, अभिषेक नहीं कर पाए
शहर के दूसरे सबसे प्रसिद्ध शिव मंदिर गुप्तेश्वर पर लोग शिवलिंग तक जा रहे हैं। वह बेलपत्र और जल चढ़ा रहे हैं, लेकिन अभिषेक करने की अनुमति नहीं है। इस पर गुप्तेश्वर मंदिर के पं. अशोक बित्थरिया का कहना है कि श्रद्धालु मंदिर में जल और बेलपत्र चढ़ा रहें हैं, लेकिन श्रद्धालु अभिषेक नहीं कर सकेंगे। कोटेश्वर मंदिर में भी कोरोना गाइडलाइन के अनुसार ही दर्शन कराने का दावा था, लेकिन शिवभक्त बिना मास्क के दर्शन भी कर रहे हैं और जल-बेलपत्र भी चढ़ा रहे हैं।
