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आजीवन सदस्य की आपत्ति के बाद सनातन धर्म मंदिर चुनाव को लेकर हड़कंप, रद्द हो सकता है विजय गोयल का नामांकन 

प्रवीण दुबे 
ग्वालियर/सनातन धर्म मंदिर के प्रतिष्ठापूर्ण चुनावों में आज नामांकन दाखिल करने का समय समाप्त होने से पूर्व एक आजीवन सदस्य द्वारा विधान का हवाला देकर लगाई गई आपत्ति से सनसनी फैल गई है। इस आपत्ति के बाद अब अध्यक्ष पद पर खड़े हुए सदस्य विजय गोयल का नामांकन रद्द होने की स्थिति बन गई है। इसके बाद अब विजय गोयल  ग्रुप से संजय सिंहल को नामांकन दाखिल कराए जाने की खबर है।https://youtu.be/A7cciAYKIRE?
आजीवन सदस्य ओमप्रकाश जाजोरिया से शब्दशक्ति न्यूज की हुई बातचीत का वीडियो सुनने के लिए लिंक पर क्लिक करें
सनातन धर्म मंदिर संविधान की कॉपी में निहित वह बिंदु जिसपर आजीवन सदस्य ओमप्रकाश जाजोरिया ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है
उल्लेखनीय है कि 10 अगस्त को प्रस्तावित सनातन धर्म मंदिर चुनावों के लिए नामांकन दाखिल करने का आज अंतिम दिन है। इसी के मद्देनजर चुनाव मैदान में ताल ठोंक रहे दोनों परस्पर प्रतिद्वंदी ग्रुपों के सदस्यों के बीच माहोल गरमाया हुआ है।
इसी के चलते मंदिर के एक आजीवन सदस्य ओमप्रकाश जाजोरिया की एक आपत्ति के बाद हड़कंप मच गया है और पूरी चुनाव प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका पैदा हो गई है।
श्री जाजोरिया ने सनातन धर्म मंदिर के विधान का हवाला देते हुए कहा है कि मंडल के अध्यक्ष और प्रधानमंत्री पद के लिए पूर्व में कार्यकारिणी समिति का तीन टर्म सदस्य या पदाधिकारी रहना एवं अन्य पदाधिकारी पदों के लिए कम से कम एक टर्म कार्यकरिणी समिति का सदस्य रहना आवश्यक होगा।
श्री जाजोरिया ने इस बारे में शब्दशक्ति न्यूज से बात करते हुए बताया कि इस नियम के अनुसार अध्यक्ष के लिए मैदान में उतरे विजय गोयल चुनाव लड़ने की अहर्ता पूरी नहीं करते हैं  अतः उनका नामांकन निरस्त किया जाना चाहिए।
श्री जाजोरिया ने कहा कि वे इसको लेकर निर्वाचन अधिकारी के पास अपनी आपत्ति दर्ज करा रहे हैं।
इस घटनाक्रम के बाद अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ रहे विजय गोयल गुट में हड़कंप मच गया क्यों कि श्री जाजोरिया की आपत्ति के बाद उनका पर्चा निरस्त होने की संभावना खड़ी हो गई है।
उधर विजय गोयल गुट ने नामांकन रद्द होने के खतरे को देखते हुए अन्य सदस्य संजय सिंहल जो कि संविधान में निहित अहर्ता को पूरी करते हैं को विकल्प के रूप में नामांकन दाखिल कराने का निर्णय लिया है। यदि विजय गोयल ऐसा नहीं करते तो उनका नामांकन निरस्त होने की स्थिति में दूसरे गुट के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी कैलाश चंद मित्तल निर्विरोध विजयी घोषित किए जा सकते थे।
उधर इस बारे में शब्दशक्ति न्यूज ने चुनाव अधिकारी वरिष्ठ अधिवक्ता श्री अरविंद दूतावत से बात की तो उनका कहना था कि हर हाल में चुनाव हेतु मंदिर के संविधान का पालन किया जायेगा जो भी आपत्ति आती है उसपर हमारा पूरा निर्वाचन पैनल विचार करके अपना निर्णय तय करेगा।
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