नई दिल्ली 1 अगस्त 2026/जम्मू और कश्मीर के कुलगाम में आतकंवादी हमले में दो प्रवासी मजदूर मारे गए हैं। ऐसी रिपोर्ट हैं कि आतंकवादियों ने पहले उनका धर्म पूछा, हिंदू होने की पुष्टि की, इसके बाद ही उन्हें प्वाइंट-ब्लैंक रेंज से गोलियों से उड़ा दिया। 2025 में पहलगाम की बैसरन घाटी में भी आतंकियों ने धर्म पूछकर चुन-चुनकर हिंदू पर्यटकों को ही मौत की नींद सुलाया था, जिसमें एक लोकल की भी जान चली गई।
कुलगाम जिले में एक ईंट के भट्ठे में काम कर रहे जिन प्रवासी मजदूरों पर आतंकी हमला हुआ है, न्यूज18 की रिपोर्ट के अनुसार वहां कई प्रवासी मजदूर काम कर रहे थे, जिनमें से सिर्फ दो ही हिंदू थे। माना जा रहा है कि इसी वजह से उन्हें निशाना बनाकर उनकी हत्या हुई है।
कुलगाम में भी द रेसिस्टेंस फ्रंट का नाम
- शुरुआती जांच में इस ओर इशारा किया गया है कि इस आतंकी वारदात में एक लोकल और एक विदेशी दहशतगर्द शामिल हो सकते हैं।
- जांचकर्ताओं को मोहम्मद लतीफ नाम के रोल पर संदेह है, जिसने पिछले ही साल लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) में शामिल हुआ था।
- पहलगाम आतंकी हमले में भी द रेसिस्टेंस फ्रंट ही शामिल था।
कुलगाम में आतंकियों ने किन्हें मारा
- इस हमले में दो प्रवासी मजदूर गंभीर रूप से जख्मी हो गए।
- दीपक रत्रैय नाम के पीड़ित ने तो अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया।
- बोपिंदर नाम के दूसरे पीड़ित को पहले अनंतनाग के गवर्मेंट मेडिकल कॉलेज ले जाया गया और बाद में श्रीनगर के सौरा इलाके में एसकेआईएमएस में बेहतर इलाज के लिए भर्ती किया गया।
- अधिकारियों के अनुसार शनिवार दिन में उसकी भी मौत हो गई।
- छत्तीसगढ़ के रहने वाले दोनों ही मजदूर युवा थे।
- 10 दिन पहले ही अनंतनाग शहर में आतंकियों ने एक पुलिस अफसर की भी गोली मारकर हत्या कर दी थी।