नई दिल्ली. मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने देश में जल्द ही लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की संभावनाओं को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि कानून में बदलाव किए बिना ऐसा संभव नहीं है। हालांकि, रावत ने यह भी कहा- कई चरणों में यह संभव है। जैसे 11 राज्यों के चुनाव आम चुनाव के साथ कराए जाएं तो किस्तों में ऐसा हो सकता है, बशर्ते जनप्रतिनिधि इसके लिए अपने राज्यों की विधानसभा को भंग करने पर सहमत हो जाएं। रावत ने कहा- बिना कानूनी ढांचा बनाए एक साथ चुनाव संभव नहीं हैं, क्योंकि किसी भी विधानसभा का कार्यकाल आगे बढ़ाने या कम करने के लिए संवैधानिक बदलाव जरूरी है।
चुनाव आयुक्त ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की संभावनाओं को किया खारिज
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