बद्रीनाथ मंदिर के पास डीजे कॉन्सर्ट को लेकर बढ़ा विवाद, मुरली मनोहर जोशी ने क्या कहा
बद्रीनाथ धाम में आयोजित किए गए डीजे कॉन्सर्ट पर बढ़े विवाद के बीच बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने कड़ी आपत्ति जताई है.
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़र्म एक्स पर लिखा कि बद्रीनाथ धाम में संगीत समारोह की अनुमति देना न केवल सांस्कृतिक मर्यादाओं का उल्लंघन है, बल्कि धाम की पवित्रता पर भी सीधा आघात है.
उन्होंने लिखा, “आदि गुरु शंकराचार्य ने बद्रीनाथ धाम की स्थापना हिमालयी पर्यावरण में शांतिपूर्ण वातावरण के बीच भगवद् भजन और साधना के लिए की थी. जिस स्थान पर परंपरागत रूप से शंख बजाने तक पर प्रतिबंध है, वहां शोर-शराबे वाले संगीत कार्यक्रमों का आयोजन भारतीय आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय मूल्यों के विपरीत है.”
उन्होंने आरोप लगाया कि ‘यह स्थिति देवभूमि को धीरे-धीरे बाज़ारू संस्कृति की ओर धकेलने का प्रतीक’ है.
उन्होंने भारतीय संस्कृति के अनुयायियों, शंकराचार्यों और संत-महात्माओं से इस मुद्दे पर प्रभावी आवाज उठाने की अपील की.
साथ ही केंद्र और राज्य सरकार से आग्रह किया कि ऐसे आयोजनों पर प्रतिबंध लगाकर देवभूमि की मर्यादा और आध्यात्मिक स्वरूप को बनाए रखा जाए.
मीडिया में आई ख़बरों के मुताबिक़, बद्रीनाथ मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार के ठीक बाहर आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम को लेकर साधु-संतों और मंदिर के पुजारियों ने कड़ी आपत्ति जताई है. पवित्र स्थल के पास तेज आवाज में डीजे बजाने और डांस कार्यक्रम आयोजित करने को लेकर आलोचना हो रही है.
ख़बरों के अनुसार, यह कार्यक्रम सेना की जनसंपर्क पहल ‘ऑपरेशन सद्भावना’ के तहत चमोली जिला प्रशासन और उत्तराखंड पर्यटन विभाग के सहयोग से आयोजित किया गया था.
‘हमारी विरासत, हमारा भविष्य’ थीम पर आधारित यह दो दिवसीय कार्यक्रम 19-20 सितंबर को हुआ था. इसमें उत्तराखंड की लोक गायिका प्रियंका मेहर ने प्रस्तुति दी. कार्यक्रम के वीडियो वायरल हुए जिसमें संगीत बजने के दौरान मंच के पास लोगों को नाचते हुए देखा गया.